राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की, ओडिशा राज्य सहकारी दूध उत्पादक संघ (OMFED) की पहलों के लिए काउ इंडक्शन, गिफ्टमिल्क और मार्केट सपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन/शुभारंभ किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण घरेलू आय में पशुधन अहम भूमिका निभाता है। भारत में पशुधन की विभिन्न किस्म की नस्लें हैं। उन सभी नस्लों ने देश की समृद्ध कृषि विरासत में योगदान दिया है। हमारे पशुधन को समर्थन और उसे बढ़ावा देने के लिए, सरकार द्वारा पशुधन के नस्ल विकास और आनुवंशिक उन्नयन के लिए कई उपाय और नीतिगत प्रयास किए गए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि दूध और दूध उत्पादों के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां असाधारण हैं। पिछले 10 सालों में हमारे दुधारू मवेशियों की उत्पादकता में भी असाधारण वृद्धि देखी गई है। ये सभी उपलब्धियाँ पशुपालन में उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। लेकिन इसके बावजूद, पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर और भी बहुत कुछ किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के उद्देश्यों तथा प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि पशुओं की संख्या और स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान देने से, दूध समेत पशुओं से मिलने वाले खाद्य उत्पादों और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा। देश के सभी क्षेत्रों में ऐसे प्रयास करके स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
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