सब्जियों एवं अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतें कम होने से दिसंबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 5.22 प्रतिशत पर आ गई, जो चार महीने का सबसे निचला स्तर है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई।
खुदरा मुद्रास्फीति में नरमी आने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है। करीब दो साल से रेपो दर 6.50 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति के दिसंबर, 2024 के आंकड़े जारी किए।
खुदरा मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे महीने गिरावट आई है। इसके पहले नवंबर, 2024 में मुद्रास्फीति 5.48 प्रतिशत पर थी जबकि नवंबर, 2023 में यह 5.69 प्रतिशत थी। हालांकि अक्टूबर, 2024 में खुदरा मुद्रास्फीति आरबीआई के छह प्रतिशत के ऊपरी संतोषजनक स्तर को पार कर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।
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