राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति जिनपिंग ने पेचिंग में वार्ता की; वार्ता में होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला रखने पर सहमति बनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग ने आज पेचिंग में वार्ता की। व्यापार, टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव के बावजूद, दोनों नेताओं ने टकराव के बजाय सहयोग पर ज़ोर दिया। यह बैठक ट्रंप के राष्ट्रपति पद के दूसरे कार्यकाल के दौरान चीन की उनकी पहली यात्रा थी। व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि ऊर्जा के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खुला रहना चाहिए। व्हाइट हाउस ने कहा कि श्री ट्रंप की राष्ट्रपति शी के साथ बैठक अच्छी रही।
बैठक के बाद सभा को संबोधित करते हुए, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने टकराव के बजाय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया और कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों के बीच मतभेदों की तुलना में साझा हित अधिक हैं और द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का आह्वान किया। श्री ट्रंप ने भी उतने ही सकारात्मक अंदाज़ में जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका-चीन संबंध पहले से कहीं अधिक बेहतर होंगे। उन्होंने अपने प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक अधिकारियों की मौजूदगी का ज़िक्र किया, जिनमें टेक्नोलॉजी और कॉर्पोरेट जगत की बड़ी हस्तियाँ शामिल थीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका चीन के साथ व्यापार और निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए उत्सुक है। यह बातचीत ईरान संघर्ष और वाशिंगटन में बढ़ते राजनीतिक दबाव की पृष्ठभूमि में भी हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति चीन की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। चीन की अपनी यात्रा पर ट्रंप के साथ अमेरिका के कुछ शीर्ष व्यापारिक नेता भी गए हैं, जैसे कि Nvidia के जेन्सेन हुआंग, Apple के टिम कुक, Tesla और SpaceX के एलन मस्क, और BlackRock के लैरी फिंक। ट्रंप की यात्रा से पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्ध के बाद पहली बार बीजिंग का दौरा किया और अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत की। अराघची के साथ बातचीत के बाद, वांग ने ईरान से जल्द से जल्द होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आग्रह किया; साथ ही उन्होंने तेहरान की इस प्रतिबद्धता की सराहना भी की कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा—जो कि युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप की एक प्रमुख मांग थी।





