सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि न्यायाधीश यशवंत वर्मा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरण करने का प्रस्ताव स्वतंत्र और आंतरिक जांच प्रक्रिया से अलग है। यह बयान दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के घर से कथित तौर पर नकदी बरामद होने की खबरों के बाद आया है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों वाले कॉलेजियम ने बृहस्पतिवार को इस प्रस्ताव की जांच की, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के सलाहकार न्यायाधीशों, संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीश यशवंत वर्मा को पत्र लिखे गए। बयान में कहा गया है कि प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच के बाद कॉलेजियम एक प्रस्ताव पारित करेगा।
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