सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि न्यायाधीश यशवंत वर्मा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरण करने का प्रस्ताव स्वतंत्र और आंतरिक जांच प्रक्रिया से अलग है। यह बयान दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के घर से कथित तौर पर नकदी बरामद होने की खबरों के बाद आया है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों वाले कॉलेजियम ने बृहस्पतिवार को इस प्रस्ताव की जांच की, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के सलाहकार न्यायाधीशों, संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीश यशवंत वर्मा को पत्र लिखे गए। बयान में कहा गया है कि प्राप्त प्रतिक्रियाओं की जांच के बाद कॉलेजियम एक प्रस्ताव पारित करेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ऐतिहासिक झंडा मेले के मौके पर…
नेपाल में बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी-आरएसपी संसदीय चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने…
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस वर्ष का विषय है- महिलाओं और बालिकाओं के लिए…
11वां रायसीना संवाद कल नई दिल्ली में संपन्न हो गया। तीन दिन के इस कार्यक्रम…
टी-ट्वेंटी क्रिकेट विश्व कप का फाइनल आज अहमदाबाद में वर्तमान चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड के…
सरकार पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में लगातार बदलती स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए…