राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर कथित रूप से आक्षेप लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरूद्ध कांग्रेस द्वारा लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव को सदन में कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश अमित शाह की टिप्पणी पर लाये थे। अमित शाह ने अपनी टिप्पणी में कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में थी तब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष का नियंत्रण एक परिवार ने किया।
इस प्रस्ताव का खंडन करते हुए सभापति ने कहा कि उन्होंने इसे ध्यानपूर्वक पढ़ा है और इसमें किसी तरह का विशेषाधिकार हनन नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें सत्य का पूर्णतः पालन किया गया है, जैसा कि अमित शाह की टिप्पणियों पर प्रस्तुत दस्तावेज से प्रमाणित होता है। जगदीप धनखड़ ने जल्दबाजी में लाये गये विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि विशेषाधिकार हनन एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सदन लोगों की प्रतिष्ठा नष्ट करने का मंच नहीं बनेगा।
सभापति ने आचार समिति से सदस्यों के आचरण के लिए नए दिशानिर्देश बनाने को कहा।
दूरसंचार विभाग की डिजिटल भारत निधि के तहत आज नई दिल्ली के संचार भवन में…
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) ने ऋण वितरण का विस्तार करके…
केन्द्र सरकार के डिजिटल इंडिया विजन और जीवन सुगम बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, भारतीय…
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12वां ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया गया।…
सरकार ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार-2025 की घोषणा कर दी है। महिला बैडमिंटन डबल्स जोड़ी ट्रीसा…
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के…