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18वें MIFF में वन्यजीव पर आधारित प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुब्बैया नल्लमुथु वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के विजेता घोषित किए गए

18वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव (MIFF) में वन्यजीव पर आधारित प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुब्बैया नल्लमुथु को बहुप्रतीक्षित वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, जिसकी घोषणा आज सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने की।

डॉ. एल. मुरुगन ने एनएफडीसी परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मैं इस बार प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने के लिए नल्लमुथु को बधाई देता हूं।” वन्यजीव फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव में सुब्बैया नल्लमुथु को यह पुरस्कार प्रदान करेगा।

सुब्बैया नल्लमुथु ने वन्यजीव पर आधारित फिल्मों के निर्माण में असाधारण योगदान दिया है, जिससे उन्हें पूरे विश्व में सराहना मिली है। सुब्बैया नल्लमुथु भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने लिविंग ऑन द एज, भारत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली पांडा पुरस्कार विजेता पर्यावरण श्रृंखला में अपने काम से मान्यता प्राप्त की। उनकी विशेषज्ञता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ एक हाई-स्पीड कैमरामैन के रूप में उनके कार्यकाल तक फैली हुई है।

रॉयल बंगाल टाइगर के लिए उनके जुनून ने नेशनल ज्योग्राफिक चैनल और बीबीसी के लिए बाघ पर आधारित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्मों में उतारा है। उनकी विपुल फिल्मोग्राफी में टाइगर डायनेस्टी (2012-2013), टाइगर क्वीन (2010) और द वर्ल्ड्स मोस्ट फेमस टाइगर (2017) शामिल हैं। उन्होंने पर्यावरण के साथ-साथ मनुष्यों और इकोसिस्टम के बीच तालमेल पर केंद्रित बीबीसी वर्ल्ड के लिए अर्थ फाइल (2000) और एनिमल प्लैनेट के लिए द वर्ल्ड गॉन वाइल्ड (2001) जैसी अनगिनत डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाई हैं।

सुब्बैया नल्लामुथु ने पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। वे जैक्सन होल वाइल्डलाइफ फिल्म उत्सव के नियमित जूरी सदस्य हैं और उन्होंने भारतीय पैनोरमा फिल्म उत्सव (2021) के जूरी अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है।

वी शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के बारे में

प्रतिष्ठित डॉ. वी शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड एमआईएफएफ के हर आयोजन में एक फिल्म निर्माता को भारत में डॉक्यूमेंट्री फिल्मों और इनके प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है। इसमें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। पिछले वर्षों में पुरस्कार के अन्य प्रतिष्ठित प्राप्तकर्ताओं में श्याम बेनेगल, विजया मुले और अन्य प्रमुख फिल्म निर्माता शामिल हैं। यह पुरस्कार महान फिल्म निर्माता वी शांताराम की स्मृति में स्थापित किया गया है।

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