महाकुंभ के दौरान अब तक 10 करोड़, 21 लाख से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ 2025 भारत की भव्यता और आध्यात्मिक जीवंतता का प्रमाण है। इसके आयोजन के लिए अत्याधुनिक तकनीक और सतत योजना के साथ वृहत तैयारी की गई।
महाकुंभ का यह संस्करण एक सांस्कृतिक आदान-प्रदान में एक मानक भी स्थापित करता है। अमृत स्नान से लेकर आखाड़ों की शोभायात्रा और डिजिटल नवाचारों से लेकर बडे़ पैमाने पर किए गए पहलों तक यह महाकुंभ अतीत और भविष्य के बीच सामंजस्यपूर्ण मिश्रण को दर्शाता है।
महाकुंभ में आज से तीन दिन का ड्रोन शो शुरू हो रहा है। इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सनातनी परंपरा की धरोहर को दर्शाया जाएगा। महाकुंभ की आध्यात्मिक गाथा इसका मुख्य आकर्षण होगा। इस शो में देश में बने ढाई हजार ड्रोन शामिल होंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भावी पेशेवरों को तैयार करने हेतु, एनएचएआई ने…
बांग्लादेश आज 56वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 26 मार्च, 1971 को आज के ही…
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने भारत, चीन…
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष का सबसे…
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:30…