श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि इससे भारत के कालातीत ज्ञान और समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मान्यता मिली है। उन्होंने कहा कि गीता और नाट्यशास्त्र दोनों ने सदियों से सभ्यता तथा चेतना को पोषित किया है और इनसे प्राप्त अंतर्दृष्टि दुनिया को प्रेरित करती है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, यूनेस्को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में अब कुल 14 भारतीय ग्रंथ हो गए हैं। उत्कृष्ट मूल्यों वाली दस्तावेजी विरासत को संरक्षित करने की यह एक वैश्विक पहल है। श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को ऋग्वेद, शांतिनाथ चैत्र और गिलगित पांडुलिपि के साथ सूची में शामिल किया गया है। श्रीमद्भगवद्गीता भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच एक पवित्र संवाद है, दूसरी ओर, प्राचीन ऋषि भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र रंगमंच, कला और नृत्य जैसी प्रदर्शन कलाओं पर एक आधारभूत ग्रंथ है।
त्रि-सैन्य भावी युद्धकला पाठ्यक्रम के चौथे संस्करण का शुभारंभ 3 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली…
लोकसभा ने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। इस…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज ओडिशा के कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया।…
भारतीय रेल ने जुलाई 2026 के दौरान अपना मजबूत संचालनात्मक निष्पादन जारी रखा। इसने माल…
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज भारत और उज्बेकिस्तान की कंपनियों को…
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सईदोव बख्तियार ओदिलोविच ने आज राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति…