सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की NCERT पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के उल्लेख का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। न्यायालय की इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा विपुल एम. पंचोली शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय के समक्ष कहा कि कक्षा 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
न्यायमूर्ति बागची ने टिप्पणी की कि यह विषयवस्तु संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार एसोसिएशन और पीठ दोनों ही इससे चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी इस मुद्दे से विचलित हैं। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं देगी।
कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक के अनुसार, भ्रष्टाचार, लंबित मामलों का भारी बोझ और न्यायाधीशों की कमी न्यायिक प्रणाली के सामने आने वाली चुनौतियों में से हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में…
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA), जिसकी अध्यक्षता मुख्य आयुक्त स्मति निधि खरे और आयुक्त अनुपम…
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फिनलैंड की अग्रणी प्रौद्योगिकी और औद्योगिक कंपनियों…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हरियाणा के जींद में लगभग 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र समेत कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ…