सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की NCERT पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के उल्लेख का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। न्यायालय की इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा विपुल एम. पंचोली शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय के समक्ष कहा कि कक्षा 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
न्यायमूर्ति बागची ने टिप्पणी की कि यह विषयवस्तु संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार एसोसिएशन और पीठ दोनों ही इससे चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी इस मुद्दे से विचलित हैं। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं देगी।
कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक के अनुसार, भ्रष्टाचार, लंबित मामलों का भारी बोझ और न्यायाधीशों की कमी न्यायिक प्रणाली के सामने आने वाली चुनौतियों में से हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के…
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा-टी.ई.टी से संबंधित प्रश्नपत्र लीक की बडी साजिश का भिवंडी में निर्धारित…
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तेलंगाना के हैदराबाद में अपने नाम पर सड़क का…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिन की सेशेल्स यात्रा पर विक्टोरिया पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर सम्मेलन एवं…
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित 'एमएसएमई…