सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की NCERT पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के उल्लेख का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। न्यायालय की इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा विपुल एम. पंचोली शामिल हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय के समक्ष कहा कि कक्षा 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
न्यायमूर्ति बागची ने टिप्पणी की कि यह विषयवस्तु संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार एसोसिएशन और पीठ दोनों ही इससे चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी इस मुद्दे से विचलित हैं। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं देगी।
कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक के अनुसार, भ्रष्टाचार, लंबित मामलों का भारी बोझ और न्यायाधीशों की कमी न्यायिक प्रणाली के सामने आने वाली चुनौतियों में से हैं।
इस्राएल के हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान में 14 लोग मारे गए हैं। इस्राएल और…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हिमाचल प्रदेश की पांच की दिन की यात्रा पर आज शिमला पहुंची।…
राज्यसभा में भाजपा के सांसदों की संख्या बढ़कर कुल 113 हो गई है। संसदीय कार्य…
भारत और न्यूजीलैंड ने आज नई दिल्ली में मुक्त व्यापार समझौते – एफटीए पर औपचारिक…
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रबंधों…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 अप्रैल, 2026 को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित होने वाली…