बिज़नेस

TCOE-VTU-VRIF ने क्वांटम प्रौद्योगिकी और संबंधित 5-जी/6-जी प्रौद्योगिकियों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

तकनीकी नवाचार में भारत के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में, दूरसंचार उत्कृष्टता केंद्र (टीसीओई) भारत और विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) – विश्वेश्वरैया अनुसंधान और नवाचार फाउंडेशन (वीआरआईएफ) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन क्वांटम प्रौद्योगिकी, संबद्ध 5-जी/6-जी प्रौद्योगिकियों आदि और अनुसंधान एवं विकास के अन्य अग्रणी क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना के लिए है। विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) – विश्वेश्वरैया अनुसंधान और नवाचार फाउंडेशन (वीआरआईएफ) बैंगलोर में मुख्यालय वाले इस उत्कृषटता केंद्र का लक्ष्य इन प्रमुख क्षेत्रों में भारत की प्रगति में तेजी लाना है और यह 100-दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा है।

समझौता ज्ञापन पर विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) – विश्वेश्वरैया अनुसंधान और नवाचार फाउंडेशन (वीआरआईएफ) के कुलपति डॉ. विद्या शंकर एस और श्री विनोद कुमार, उप महानिदेशक (एसआरआई), दूरसंचार विभाग और निदेशक, दूरसंचार उत्कृष्टता केंद्र (टीसीओई) इंडिया के बीच हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) के 228 महाविद्यालयों के कार्यकारी परिषद, डीन और विभागाध्यक्षों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों और दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अन्य मेहमानों और इकोसिस्टम के अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उत्कृष्टता केंद्र को नवाचार के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल पर डिज़ाइन किया गया है, जिसमें विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) – विश्वेश्वरैया अनुसंधान और नवाचार फाउंडेशन (वीआरआईएफ) और दूरसंचार उत्कृष्टता केंद्र (टीसीओई) भारत केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्यरत हैं। विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) के 228 संबद्ध कॉलेजों की बौद्धिक और ढांचागत शक्तियों का लाभ उठाते हुए, उत्कृष्टता केंद्र अनुसंधान और विकास में एक प्रमुख सुविधाकर्ता के रूप में कार्य करेगा। इस मॉडल के माध्यम से, उत्कृष्टता केंद्र क्वांटम और संबंधित 5-जी/6-जी प्रौद्योगिकियों में अत्याधुनिक अनुसंधान को सुव्यवस्थित करेगा, सहयोग को प्रोत्साहन देगा और तेजी से बड़े पैमाने पर नवाचार करेगा। हब में विस्तृत केंद्रित नवाचार समूह होंगे और संबद्ध कॉलेजों में से सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ मिलेंगे।

यह उत्कृष्टता केंद्र दूरसंचार मानकीकरण में काम करने वाले प्रमुख संगठनों जैसे दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) भारत 6-जी एलायंस, भारत दूरसंचार मानक विकास समिति, (टीएसडीएसआई), अकादमिक नेटवर्क और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच तालमेल बढ़ाएगा। यह उत्कृष्टता केंद्र विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) के नेटवर्क में 400,000 से अधिक विद्यार्थियों, 2,000 से अधिक पीएचडी और कई शोधकर्ताओं को अनुसंधान एवं विकास को सुव्यवस्थित करने और अभूतपूर्व नवाचारों के व्यावसायीकरण को चलाने के लिए सशक्त बनाएगा।

Editor

Recent Posts

पीएम-अजय आदर्श ग्राम कंपोनेंट के तहत देश भर में 47,328 गांवों का चयन

भारत सरकार अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने आदर्श…

4 घंटे ago

केरलम में मूसलाधार वर्षा से हुई तबाही के बीच मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया

केरलम में मूसलाधार वर्षा से हुई तबाही के बीच मौसम विभाग ने राज्य के 12…

5 घंटे ago

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ…

5 घंटे ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पीबीजी सोल्जरेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित समारोह में राष्‍ट्रपति के…

5 घंटे ago

जुलाई 2026 में भारत के कोयला उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

जुलाई 2026 में भारत के कोयला उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना…

5 घंटे ago

एनबीए ने चावल अनुसंधान संस्थानों और चावल उत्पादक राज्यों को 8.22 करोड़ रुपये जारी किए

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने तीन अनुसंधान संस्थानों और 33 राज्य जैव विविधता बोर्डों…

5 घंटे ago