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TDB-DST assisted Visakhapatnam-based Ms Griva Healthcare Private Limited in the commercialization of an indigenous AI-powered cervical cancer screening technology.
भारत

TDB-DST ने विशाखापत्तनम स्थित मेसर्स ग्रिवा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को स्वदेशी एआई-संचालित गर्भाशय ग्रीवा कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक के वाणिज्यीकरण में मदद की

महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बोझ को कम करने के लिए प्रारंभिक और सुलभ स्क्रीनिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने आज विशाखापत्तनम स्थित मेसर्स ग्रिवा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। यह समझौता स्वदेशी रूप से विकसित, आर्टिफिशियस इंटेलिजेंस से लैस पोर्टेबल डिजिटल कोल्पोस्कोप ‘ग्रिवाविजन’ के निर्माण और वाणिज्यीकरण में सहयोग प्रदान करेगा। ‘ग्रिवाविजन’ गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर होने से पहले घावों का शीघ्र पता लगाने में सहायक है।

टीडीबी के सहयोग से, यह कंपनी केरल के कोल्लम में विनिर्माण क्षमता स्थापित करेगी, जिससे वाणिज्यिक स्तर पर उत्पादन और प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग संभव हो सकेगा। इस पहल का उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है, विशेष रूप से प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में। इसके साथ ही, इससे उन्नत चिकित्सा उपकरणों में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने और आयातित निदान उपकरणों पर निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी।

ग्रिवाविज़न एक पोर्टेबल डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म है जिसमें हाई-डेफिनिशन कैमरा, इन-बिल्ट डिस्प्ले, उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफ़ेस, उन्नत ऑप्टिक्स और स्वदेशी एआई-सक्षम सॉफ़्टवेयर को एकीकृत किया गया है। योनि मार्ग के दृश्यीकरण और गर्भाशय ग्रीवा के घावों की जांच के लिए डिज़ाइन किया गया यह सिस्टम स्त्री रोग विशेषज्ञों को नियमित नैदानिक ​​​​जांच के दौरान पूर्व-कैंसर संबंधी असामान्यताओं की पहचान करने में सहायता करता है। यह तकनीक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुमोदित स्वचालित दृश्य मूल्यांकन (एवीई) मानकों के अनुसार डिज़ाइन की गई है और इसका सॉफ़्टवेयर एबीडीएम के अनुरूप है, जिससे भारत के विकसित हो रहे डिजिटल स्वास्थ्य परितंत्र के साथ इसका एकीकरण संभव हो पाता है।

यह उत्पाद श्रेणी बी का गैर-आक्रामक चिकित्सा उपकरण है और इसे सीडीएससीओ श्रेणी बी का विनिर्माण लाइसेंस प्राप्त है। इसका विकास आईएसओ 13485 गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। हार्डवेयर आर्किटेक्चर इस कंपनी की अपनी विशेषता है और भारत में ग्रिवा हेल्थकेयर द्वारा पेटेंट कराया गया है। कंपनी वर्तमान में विशाखापत्तनम स्थित एआईसी-एएमटीजेड मेडिवैली में अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रही है, और टीडीबी समर्थित परियोजना के तहत केरल में स्थापित होने वाली आगामी सुविधा में वाणिज्यिक उत्पादन की ओर अग्रसर होने में इसे सहायता मिलेगी।

इस परियोजना की प्रमुख विशेषता स्वदेशी विकास और स्थानीयकरण पर इसका ज़ोर है। यह तकनीक भारत में ही विकसित और निर्मित की गई है, और इसके 50 प्रतिशत से अधिक उत्पाद घटक वर्तमान में स्वदेशी रूप से प्राप्त किए गए हैं। बड़े पैमाने पर वाणिज्यीकरण से घरेलू चिकित्सा उपकरण मूल्य श्रृंखला को और मज़बूती मिलने तथा गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के निदान में एक किफ़ायती भारतीय विकल्प तैयार होने की उम्मीद है।

भारत में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच के लिए पात्र महिलाओं की बड़ी आबादी को देखते हुए यह तकनीक विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है। सहजता से ले जाने योग्य, डिजिटल इमेजिंग, एआई-सहायता प्राप्त मूल्यांकन और उपयोग में आसानी के संयोजन से, ग्रिवाविज़न में स्क्रीनिंग को विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं से आगे विस्तारित करने और चिकित्सकों को कम सुविधाओं वाले तथा सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में महिलाओं तक पहुंचने में सहायता प्रदान करने की क्षमता है।

इस अवसर पर टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा, “गर्भाशय ग्रिवा कैंसर से निपटने में शीघ्र निदान निर्णायक भूमिका निभा सकता है। ग्रिवाविजन जैसी स्वदेशी प्रौद्योगिकियां यह दर्शाती हैं कि कैसे चिकित्सा उपकरण, डिजिटल स्वास्थ्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा आवश्यकता को बड़े पैमाने पर पूरा कर सकते हैं। टीडीबी का समर्थन ऐसी स्वदेशी नवाचारों को प्रौद्योगिकी विकास से वाणिज्यिक उत्पादन तक ले जाने, उन्नत स्क्रीनिंग समाधानों को अधिक सुलभ बनाने और चिकित्सा प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के उद्देश्य से है।”

ग्रिवा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के नेतृत्व ने टीडीबी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से कंपनी अपनी स्वदेशी तकनीक को वाणिज्यिक स्तर पर उत्पादन में परिवर्तित कर सकेगी और एआई-सहायता प्राप्त गर्भाशय ग्रीवा कैंसर स्क्रीनिंग तक पहुंच का विस्तार कर सकेगी। कंपनी ने बताया कि उसका प्रयास विश्वसनीय स्क्रीनिंग तकनीक को महिलाओं के करीब उपलब्ध कराना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां विशेष निदान संबंधी बुनियादी ढांचे तक का अभाव है।

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