महाराष्ट्र में मध्य नागपुर के महाल इलाके में कल शाम दो गुटों के बीच तनाव पैदा हो गया। वहां पर धार्मिक प्रतीकों के कथित तौर पर तोड़फोड़ की अफवाहों के कारण दो समूहों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ। इसके कारण पथराव हुआ और कुछ असामाजिक तत्वों ने वाहनों को जला दिया।
वहीं, दंगा नियंत्रण के लिए तैनात पुलिस बलों ने चिटनिस पार्क और महाल इलाकों में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इसके बाद पुलिस की साइबर टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और हिंसा में शामिल लगभग 15 असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान भी चलाया।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने तथा शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
हालांकि, इस घटना का असर देर रात नागपुर के दूसरे भागों में भी देखने को मिला। कुछ जगहों पर अराजक भीड़ ने गाड़ियों में आग लगा दी और कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचाया। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने नागपुर सिटी पुलिस के क्षेत्राधिकार में आने वाली कुछ जगहों पर लोगों को जमा होने से रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों और एसपीआरएफ की एक टीम को भी वहां तैनात किया गया है।
नागपुर के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले आज सुबह 10 बजे स्थिति का जाय़जा लेने के लिए महाल क्षेत्र का दौरा करेंगे।
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