तीन नए आपराधिक कानून- भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 आज से लागू हो गए हैं। सरकार ने इस बारे में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ नियमित बैठकें की हैं और वे नए कानूनों को लागू करने से संबंधित प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और जागरूकता सृजन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
नए कानूनों के बारे में पुलिस और जांच प्राधिकरणों को समुचित प्रशिक्षण दिया गया है। आकाशवाणी और दूरदर्शन के समाचार बुलेटिनों, कार्यक्रमों और परिचर्चाओं तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी व्यापक विचार-विमर्श और गहन विश्लेषण किया गया। इसके अलावा जन-जागरूकता के लिए विभिन्न संवाद कार्यक्रम, वेबसाइट्स और मंत्रिस्तरीय वेबिनार भी आयोजित किए गए। स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में इस बारे में जानकारी शामिल करने के प्रयास भी किए गए हैं।
ये नए आपराधिक कानून जांच, सुनवाई और अदालती प्रक्रियाओं में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल देते हैं। इसे देखते हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने मौजूदा अपराध और अपराध ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणालियों में 23 संशोधन किए हैं। ब्यूरो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस बारे में आवश्यक तकनीकी सहयोग भी दे रहा है।
सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और सभी उच्च शिक्षण संस्थान आज नए कानूनों के विभिन्न प्रावधानों पर विचार-विमर्श, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी-सत्र और क्विज का आयोजन करेंगे। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सभी पुलिस थानों के प्रभारी भी नए कानूनों के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
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