आज विश्व विरासत दिवस है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्मारक और धरोहर स्थल दिवस भी कहा जाता है। इस वर्ष की थीम है – विरासत स्थलों पर आपदा और संघर्ष का संकट। हमारे संवाददाता ने बताया है कि यह दिवस सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के सम्मान और संरक्षण के लिए प्रति वर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाता है।
विश्व धरोहर सूची में पिछले कुछ वर्षों में भारत के ऐतिहासिक स्थलों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जुलाई 2024 में असम के अहोमवंश की माउंटबरियल प्रणाली मोइदम्स को सांस्कृतिक विरासत के रूप में शामिल करना भारत के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि रही। विश्व धरोहर सूची में भारत के 43 स्थल सूची है और यूनेस्को की संभावित सूची में देश के 62 और स्थल है। देश के स्थलों को सूचीबद्ध करने की यात्रा 1983 में आगरा किले के साथ शुरू हुई। उसके बाद ताजमहल अजंता और एलोरा की गुफाएं शामिल हुई।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने आज देश के सभी संरक्षित स्मारकों में निःशुल्क प्रवेश देने की घोषणा की है।
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