राष्ट्र आज विजय दिवस मना रहा है, जो 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की विजय की याद दिलाता है। हर वर्ष इस दिन, देश उन वीर योद्धाओं के सर्वोच्च बलिदान को याद करता है जिनकी कहानियां राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बनी हुई हैं। 1971 में आज के ही दिन पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल ए.ए. खान नियाज़ी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी सेना के समक्ष बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के रूप में अलग हो गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विजय दिवस के अवसर पर उन वीर सैनिकों को याद किया जिनके साहस और बलिदान ने 1971 में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वीर सैनिकों के पक्के इरादे और निस्वार्थ सेवा ने राष्ट्र की रक्षा की और भारत के इतिहास में गौरव का एक पल दर्ज किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विजय दिवस पर उनकी बहादुरी को सलाम है और आज का दिन उनकी बेमिसाल भावना की याद दिलाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों की वीरता देश की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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