जनजातीय कार्य मंत्रालय ने भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राईफेड) के माध्यम से आज ‘आरआईएसए – टाइमलेस ट्राइबल’ नामक एक प्रीमियम ब्रांड का अनावरण किया, जो जनजातीय वस्त्रों, कढ़ाई और हस्तशिल्पों के लिए समर्पित है। साथ ही, नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित राजीव गांधी हस्तशिल्प भवन की गैलरी संख्या 2 में विशेष आरआईएसए स्टोर का उद्घाटन किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देती है।
आरआईएसए पहल की परिकल्पना आदिवासी उत्पादों के लिए एक विशिष्ट ब्रांड पहचान बनाने, आदिवासी कारीगरों के लिए बाजार संबंधों को मजबूत करने, डिजाइन विकास और उत्पाद विविधीकरण को सुविधाजनक बनाने और प्रीमियम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आदिवासी विरासत को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, आईएएस द्वारा आरआईएस स्टोर का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर ट्राईफेड के एमडी एम. राजामुरुगन, आईपीएस, सुनील सेठी, फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के अध्यक्ष , प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर अंजू मोदी , डिजाइन संस्थानों के प्रतिनिधि, कारीगर, उद्योग जगत के हितधारक, अन्य प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनर और मंत्रालय तथा ट्राईफेड के अधिकारी भी उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए रंजना चोपड़ा ने सतत आजीविका उपायों और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से भारत की समृद्ध आदिवासी विरासत के संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी वस्त्र, कढ़ाई और हस्तशिल्प आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक परंपराओं, ज्ञान प्रणालियों और कलात्मक उत्कृष्टता का प्रतीक हैं और इनके निरंतर विकास और मान्यता के लिए संस्थागत सहयोग आवश्यक है।
इस अवसर पर एम. राजामुरुगन ने डिजाइन विकास, कौशल उन्नयन, उत्पाद नवाचार, पैकेजिंग संवर्धन और बाजार संवर्धन को समाहित करने वाले एक व्यापक इकोसिस्टम के निर्माण में आरआईएसए की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आदिवासी कारीगरों के लिए आजीविका के बेहतर अवसर पैदा करना है, साथ ही पारंपरिक शिल्पों और स्वदेशी ज्ञान के संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
कार्यान्वयन के पहले चरण के अंतर्गत, सांस्कृतिक महत्व और बाजार क्षमता के आधार पर सात आदिवासी वस्त्र और कढ़ाई परंपराओं की पहचान की गई है। इनमें असम का एरी रेशम और मूगा रेशम, झारखंड का संताल कपास, लद्दाख का चांगपा पश्मीना, ओडिशा का कोटपाड कपास और डोंगरिया कढ़ाई तथा तमिलनाडु की टोडा कढ़ाई शामिल हैं।
डिजाइन संबंधी सुझावों और उत्पाद विकास को सुगम बनाने के लिए, प्रख्यात फैशन डिजाइनरों को इस पहल से जोड़ा गया है। अंजू मोदी, मनीष त्रिपाठी, गौरव जय गुप्ता, अबू जानी, संदीप खोसला और समीरा दलवी को आदिवासी शिल्पों की प्रामाणिकता और पारंपरिक चरित्र को संरक्षित करते हुए समकालीन उत्पाद श्रृंखलाओं के विकास में सहयोग देने के लिए नियुक्त किया गया है।
यह पहल वस्त्र मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय डिजाइन केंद्र (एनडीसी) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है। इस परियोजना में डिजाइन विकास, वस्त्रों के प्रोटोटाइप का निर्माण, आदिवासी बुनकरों और कारीगरों की क्षमता निर्माण, सिलाई सुविधाओं की स्थापना, बुनाई और हस्तशिल्प समूहों को सुदृढ़ करना और उत्पाद प्रस्तुति और पैकेजिंग में सुधार शामिल है।
हरियाणा के राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) को आरआईएसए ब्रांड के तहत विपणन किए जाने वाले उत्पादों के लिए प्रीमियम और पर्यावरण की दृष्टि से दीर्घकालिक पैकेजिंग समाधान विकसित करने के लिए नियुक्त किया गया है।
इस पहल के पहले चरण में चुनिंदा आदिवासी हस्तशिल्पों, जैसे मणिपुर की लोंगपी पॉटरी, लद्दाख की तुरतुक पीतल की कटलरी और छत्तीसगढ़ की डोखरा कला का लक्षित प्रचार भी शामिल है, जिसका उद्देश्य उनके बाजार की पहुंच का विस्तार करना और कारीगर समुदायों के लिए आय के अवसरों को बढ़ाना है।
आरआईएसए पहल से आदिवासी समुदायों, विशेष रूप से महिला कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान मिलने की उम्मीद है, साथ ही सांस्कृतिक संरक्षण, दीर्घकालिक उत्पादन प्रणालियों और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आदिवासी उत्पादों की अधिक दृश्यता को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज स्कोप्ये में उत्तर मैसीडोनिया की राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा…
केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मेघालय के मुख्यमंत्री…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में खरीफ फसलों…
दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई 2026 को चार-दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम,…
हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और कुल्लू जिलों में अगले 24 घंटे के…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में भविष्य में परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए…