भारतीय नौसेना के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) के निर्माणाधीन दो उन्नत जहाजों में से पहला, 23 जुलाई, 2024 को जीएसएल, गोवा में लॉन्च किया गया। समुद्री परंपरा को ध्यान में रखते हुए, गोवा के माननीय राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई की उपस्थिति में अथर्ववेद के आह्वान के साथ रीता श्रीधरन ने जहाज का शुभारंभ किया। शक्तिशाली तीर के नाम पर इस जहाज का नाम त्रिपुट रखा गया है, जो भारतीय नौसेना की अदम्य भावना तथा दूर तक और गहराई तक वार करने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है।
रक्षा मंत्रालय और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने 25 जनवरी, 19 को त्रिपुट श्रेणी के दो उन्नत जहाजों के निर्माण के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। जहाज को दुश्मन के सतह के जहाजों, पनडुब्बियों और हवाई जहाजों के खिलाफ युद्ध संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है। त्रिपुट श्रेणी के जहाज 4.5 मीटर खिंचाव (ड्रैफ्ट ) के साथ 124.8 मीटर लंबे और 15.2 मीटर चौड़े हैं। इनका विस्थापन लगभग 3600 टन है और इनकी गति अधिकतम 28 नॉट है। जहाज गोपनीय मारक, उन्नत हथियार तथा सेंसर और प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन प्रणालियों से लैस हैं।
जीएसएल में निर्मित किए जा रहे त्रिपुट श्रेणी के जहाज, रूस से प्राप्त किए गए तेग और तलवार श्रेणी के जहाजों के अनुवर्ती जहाज हैं। इन जहाज का निर्माण पहली बार किसी भारतीय शिपयार्ड द्वारा स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप, हथियारों और सेंसर सहित फिट किए गए उपकरणों का एक बड़ा प्रतिशत स्वदेशी है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि भारतीय विनिर्माण इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादन किया जा रहा है, जिससे देश में रोजगार का सृजन हो रहा है और क्षमता में वृद्धि हो रही है।
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