विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने घोषणा की है कि चार वर्षीय स्नातक डिग्री धारक अब सीधे नेट की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं और किसी भी विषय में पीएचडी कर सकते हैं। जहां भी ग्रेडिंग प्रणाली का पालन किया जाता है, वहां उम्मीदवारों के पास कुल मिलाकर न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक या पॉइंट स्केल पर इसके समकक्ष ग्रेड होना चाहिए। ऐसे उम्मीदवारों को उस विषय की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। शिक्षाविद डॉ. संत कुमार चौधरी ने बताया कि इससे छात्रों के समय की बचत होगी।
छात्रों को काफी लाभ पहुंचेगा जो चार वर्षीय स्नातक डिग्री के बाद अब सीधे पीएचडी कर सकते हैं। छात्र-छात्राएं ये स्वागत योग्य है। 75 प्रतिशत से कुल अंक पाने वाले जो छात्र-छात्राएं हैं वो सीधे अब पीएचडी कर सकते हैं। कहा भी गया है कि टाइम मैनेजमेंट इज द बेस्ट मैनेजमेंट। पोस्ट ग्रेजुएशन करना होता था। इसके बाद ही वो पीएचडी कर सकते थे। लेकिन अब जो ये निर्णय लिया गया है हम समझते हैं कि ये उचित भी था क्योंकि जो छात्र-छात्राएं चार साल का डिग्री प्राप्त कर लेते हैं। पात्रता है। जिसे नेट क्वालीफाईड है। तो वो अब डायरेक्ट पीएचडी कर सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज गंगटोक में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं।…
असम विधानसभा ने "असम समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026" पारित किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत…
भारत के उद्योग 4.0 इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने और स्वदेशी औद्योगिक डिजिटल परिवर्तन को गति…
भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 को एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर पारस्परिक और…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के…
आईपीएल क्रिकेट में आज मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के…