भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने ‘आधार ऐप का उपयोग करके ऑफलाइन सत्यापन’ पर एक सूचनात्मक वेबिनार का आयोजन किया। नए आधार ऐप के औपचारिक लॉन्च से पहले, इस वेबिनार में विभिन्न क्षेत्रों की 250 से अधिक संस्थाओं और व्यक्तियों ने भाग लिया। यूआईडीएआई ने ऑफलाइन सत्यापन से होने वाले लाभों का विस्तार से ब्यौरा दिया।
अपने स्वागत भाषण में, यूआईडीएआई के सीईओ श्री भुवनेश कुमार ने वेबिनार के सभी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जिनमें ऑफलाइन सत्यापन को बढ़ावा देना, इसके लिए एक मज़बूत व्यवस्था का निर्माण करना और आगामी आधार ऐप के ज़रिए ऑफलाइन आधार सत्यापन की विशेषताओं, लाभों और संभावनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना शामिल है।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑफलाइन सत्यापन की सुविधा, उपयोगकर्ताओं और संस्थाओं, दोनों को पहचान सत्यापन के लिए एक सुरक्षित, सुविधाजनक और गोपनीयता का सुरक्षात्मक तरीका प्रदान करेगा और आधार की भौतिक/फोटोकॉपी साझा करने और उस पर होने वाली निर्भरता को भी हतोत्साहित करेगा, जोकि संभावित धोखाधड़ी प्रथाओं की एक संभावित वजह है।
इसके बाद यूआईडीएआई के डीडीजी श्री विवेक चंद्र वर्मा ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें ऑफलाइन सत्यापन का मकसद, उसके दायरे और व्यावहारिक उपयोग के बारे में बताया गया। सत्र में तकनीकी ढाँचे, एकीकरण के तरीकों और सत्यापन प्रक्रिया की भविष्य के लिए लिहाज़ से तैयार प्रकृति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
यूआईडीएआई के अधिकारियों ने ऑफलाइन सत्यापन के कई पहलुओं और इसके संभावित उपयोगों पर चर्चा की, जिनमें होटल चेक-इन, आवासीय सोसाइटी में प्रवेश, कार्यक्रम में प्रवेश आदि शामिल हैं। अधिकारियों ने क्यूआर आधारित सत्यापन सहित ऑफलाइन सत्यापन के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया।
प्रतिभागियों को ऑफलाइन सत्यापन के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिनमें संपूर्ण या चुनिंदा आधार जानकारी को सत्यापित और साझा करने का विकल्प और ऑफलाइन चेहरे के सत्यापन के ज़रिए उपस्थिति के प्रमाण की पुष्टि करने की क्षमता शामिल हैं।
यूआईडीएआई अधिकारियों ने आधार संख्या धारकों के लिए कई अन्य फायदों का भी ज़िक्र किया, जिनमें ऐप में परिवार के अधिकतम पाँच सदस्यों का आधार विवरण शामिल होना, आधार का कौन सा डेटा साझा किया जाए, इस पर पूर्ण नियंत्रण, संपूर्ण या चुनिंदा आधार जानकारी जाहिर करने की सुविधा, बेहतर सुरक्षा के लिए एक क्लिक के ज़रिए बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और परेशानी मुक्त मोबाइल नंबर और पता अपडेट विकल्प जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
इस सत्र को नई व्यवस्था से जुड़े भागीदारों से ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यूआईडीएआई टीम ने कई प्रश्नों के उत्तर भी दिए। प्रतिभागियों को उपयोग के मामलों, तकनीकी एकीकरण की ज़रुरत और ऑफलाइन सत्यापन करने की इच्छा रखने वाली संस्थाओं (ओवीएसई) के रूप में शामिल होने की प्रक्रिया की खोज के लिए, यूआईडीएआई के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में, संस्थाओं और प्रतिभागियों को नए आधार ऐप के साथ आने वाली और भी सुविधाओं और क्षमताओं की जानकारी के लिए जुड़े रहने और ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया गया, ताकि लोगों के लिए सुविधाओं में सुधार हो और देश भर में सुरक्षित डिजिटल पहचान सेवाएं और मज़बूत हो सकें।
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