भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार डेटाबेस की सटीकता और अखंडता बनाए रखने के लिए अब तक 25 लाख से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आधार विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है। इसमें लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं। जितिन प्रसाद ने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर, आधार नंबर के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए उसका आधार नंबर निष्क्रिय करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहचान धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने और देश में डेटा लीक को रोकने के लिए कई उपाय किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने एक नया आधार ऐप लॉन्च किया है, जो आधार नंबर धारकों को ऑफ़लाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं के साथ सत्यापित दस्तावेज़ सुरक्षित और सुगम तरीके से साझा करने की सुविधा प्रदान करता है।
केंद्रीय मंत्री श्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डीजीसीए द्वारा अनुमोदित…
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने दो सिलिकॉन…
भारत के औषधि क्षेत्र में नवाचार और व्यावहारिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-अकादमिक…
शहरी गतिशीलता को सुदृढ़ करने और चालकों की आजीविका में सुधार की दिशा में एक…
भारत और अमरीका ने 7 फरवरी, 2026 को एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर आपसी और…
भारतीय वायु सेना ने मेहर बाबा प्रतियोगिता-3 के तीसरे संस्करण के लिए पंजीकरण आरंभ कर…