मध्यप्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता-यूसीसी विधेयक पारित कर दिया है। हमारे संवाददाता ने बताया कि सदन में विपक्ष के हंगामे और विरोध के बीच यह विधेयक पारित हुआ।
यूसीसी के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में एक से अधिक विवाह मान्य नहीं होगा। तलाक की प्रक्रिया कानूनी होगी। महिला और पुरुष को समान उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा। लिव–इन रिलेशनशिप में एक महीने के भीतर पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा और विवाह का रजिस्ट्रेशन ग्रामीण स्तर तक जरूरी किया जाएगा। हालांकि, आदिवासी समाज को इससे अलग रखा गया है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से आतंकवाद के खतरे पर लगातार ध्यान देने की…
भारत ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों के लिए सैन्य समाधान नहीं बल्कि कूटनीति को…
इसरो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने अपनी नई पीढ़ी के…
पीएमजीएसवाई-IV (बैच-1, वित्त वर्ष 2026-27) के तहत 45 सड़क कार्यों (509.54 कि.मी) जिनका मूल्य रु.…
पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की पूर्ण बैठक और कार्य समूहों की बैठकें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह से पहले ‘भारत…