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केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉकों की नीलामी के दूसरे चरण का शुभारंभ किया

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉकों की नीलामी के दूसरे चरण का शुभारंभ किया, जो देश में खनिज अन्वेषण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने घरेलू अन्वेषण में तेजी लाकर एवं सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी को प्रोत्साहित करके खनिज आयात पर भारत की निर्भरता में कमी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार देश की अप्रयुक्त खनिज क्षमता को उजागर करने के लिए एक संरचित, पारदर्शी एवं प्रौद्योगिकी-आधारित अन्वेषण संरचना तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक महत्व पर बल देते हुए, जी. किशन रेड्डी ने कहा कि एक मजबूत और कुशल अन्वेषण प्रणाली, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति एवं खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जी. किशन रेड्डी ने आगे कहा कि भारत सरकार विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि ये केवल सुधार नहीं हैं बल्कि द्रुतगामी सुधार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवर्तनकारी बदलाव दिखाई दे रहे हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के नेक्स्ट-जेनरेशन (एनजी) पोर्टल का भी शुभारंभ किया जो कि एक क्लाउड-सक्षम प्लेटफॉर्म है और डेटा अधिग्रहण, विश्लेषण, विज़ुअलाइज़ेशन एवं प्रसार को एकीकृत करता है। एआई/एमएल आधारित उपकरणों से सुसज्जित तथा राष्ट्रीय भूविज्ञान डेटा भंडार (एनजीडीआर) के साथ अंतर-संचालित इस पोर्टल से खनिज अन्वेषण में पारदर्शिता, दक्षता एवं डेटा-आधारित निर्णय लेने की क्षमता को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दूसरे चरण के शुभारंभ एवं रोडशो में खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल और खान मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव संजय लोहिया भी उपस्थित थे।

अपने संबोधन में पीयूष गोयल, सचिव, खान मंत्रालय ने कहा कि द्वितीय चरण खनिज क्षेत्र में विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रथम चरण को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया के बाद, इस नए चरण में आठ राज्यों में फैले महत्वपूर्ण और गहराई में स्थित खनिजों के 11 ब्लॉक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खनिज (नीलामी) संशोधन नियम, 2023 के साथ-साथ एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2023 के अंत्गत शुरू किए गए अन्वेषण लाइसेंस व्यवस्था ने पारदर्शिता को मजबूत किया है, व्यापार करने में आसानी में सुधार किया है और निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के दोनों खिलाड़ियों की भागीदारी के अवसरों को बढ़ावा दिया है।

जीएसआई द्वारा “दूसरे चरण के अंतर्गत अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉक” पर, एसबीआईसीएपीएस द्वारा “अन्वेषण लाइसेंस व्यवस्था एवं नियम” पर, एसबीआईसीएपीएस द्वारा “खनिज नीलामी प्रक्रिया एवं निविदा दस्तावेज” पर, एमएसटीसी द्वारा “एमएसटीसी पोर्टल पर खनिज ई-नीलामी प्रक्रिया” पर और एनएमईटी द्वारा “अन्वेषण लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति योजना” पर प्रस्तुतियां दी गईं।

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