शिक्षा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NATS 2.0 पोर्टल लॉन्च किया, डीबीटी के माध्यम से 100 करोड़ रुपये का वजीफा वितरित किया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय प्रशिक्षुता और प्रशिक्षण योजना 2.0 पोर्टल लॉन्च किया तथा डीबीटी मोड के माध्यम से प्रशिक्षुओं को 100 करोड़ रुपये का वजीफा वितरित किया। ये प्रशिक्षु आईटी/ आईटीईएस, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह पहल युवाओं के कौशल और रोजगार पर सरकार के फोकस के अनुरूप है। एनएटीएस 2.0 पोर्टल का उपयोग बड़ी संख्या में लाभार्थियों द्वारा पंजीकरण और प्रशिक्षुता के लिए आवेदन करने के लिए किए जाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठान/उद्योग अपनी रिक्तियों और अनुबंधों का प्रबंधन करने के लिए पोर्टल का लाभ उठाएंगे। इसलिए, बड़ी संख्या में युवा स्नातकों और डिप्लोमा धारकों को रोजगार कौशल प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाएगी, साथ ही उन्हें मासिक वजीफा भी दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम के दौरान अप्रेंटिसशिप के भविष्य पर दो पैनल चर्चाएं- अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम, सभी अप्रेंटिसशिप के लिए क्रेडिट, उद्योग एवं उच्च शिक्षा सहयोग और डीबीटी के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना और ई-गवर्नेंस को मजबूत करना भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों और छात्रों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान शीर्ष तीन प्रतिष्ठानों/उद्योगों कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, इन्फोसिस लिमिटेड और टेक महिंद्रा प्राइवेट लिमिटेड को मान्यता दी गई।

उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के. संजय मूर्ति, एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टी जी सीताराम, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार, एनईटीएफ के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे, शिक्षा मंत्रालय के शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल, उच्च शिक्षा निदेशक गौरव सिंह, शिक्षाविद, अधिकारी और छात्र भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के दौरान दो प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए।

धर्मेंद्र प्रधान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एनएटीएस पोर्टल 2.0 अप्रेंटिसशिप को लोकतांत्रिक बनाने, कौशल की कमी को दूर करने, युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज लॉन्च किया गया पोर्टल अप्रेंटिसशिप के अवसरों की पहुंच को व्यापक बनाएगा और उम्मीदवारों एवं नियोक्ताओं के बीच तालमेल बिठाने में मदद करेगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि यह तकनीक आधारित युग केवल डिग्री हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि दक्षताओं के निर्माण के बारे में भी है। उन्होंने कहा कि हमारे पाठ्यक्रम में रोजगार कौशल बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस वर्ष के बजट में भी कौशल और रोजगार को बढ़ावा देने पर बहुत जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे अप्रेंटिसशिप इकोसिस्टम में विविध और उभरते क्षेत्र शामिल होने चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से देश के जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने का आह्वान किया।

धर्मेंद्र प्रधान ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों से एनएटीएस 2.0 पोर्टल से जुड़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हमें अप्रेंटिसशिप को एक जन आंदोलन बनाना होगा।

भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि एनएटीएस के वजीफा लाभ समयबद्ध, कुशल और पारदर्शी तरीके से इच्छित प्रशिक्षुओं तक पहुंचाए जाएं, 2024 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) तंत्र के माध्यम से प्रशिक्षुओं के बैंक खातों में सीधे वजीफे के अपने हिस्से का भुगतान शुरू किया है। इसका उद्देश्य योजना के सभी लाभार्थियों को वजीफे में सरकार का हिस्सा प्रदान करने के लिए डीबीटी प्रणाली के उपयोग का विस्तार करना है।

इस योजना को एनएटीएस 2.0 पोर्टल द्वारा सुगम बनाया गया है, जिसे शिक्षा मंत्रालय ने एआईसीटीई और बीओएटी/ बीओपीटी के समर्थन से छात्र पंजीकरण, रिक्तियों के विज्ञापन, छात्र आवेदन, अनुबंध निर्माण, प्रमाणन, रिपोर्टिंग के साथ-साथ डीबीटी के माध्यम से वजीफा वितरण जैसी प्रशिक्षुता जीवनचक्र गतिविधियों के प्रबंधन के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में विकसित किया है। पोर्टल अब पूरी तरह से काम कर रहा है और शिक्षा मंत्रालय द्वारा एंड-टू-एंड डीबीटी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इसका लाभ उठाया जा रहा है।

एनईपी 2020 का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाना और शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों के बीच की बाधाओं को दूर करना है। यह छात्रों के लिए ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज गतिशीलता सुनिश्चित करने के लिए सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत करने पर जोर देता है। एनईपी 2020 के अनुरूप, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के लिए दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया गया है।

Editor

Recent Posts

वायुसेना ने आज कई शहरों में सेखों भारतीय वायु सेना मैराथन आयोजित किया

वायुसेना ने आज कई शहरों में सेखों भारतीय वायु सेना मैराथन आयोजित किया। इनमें दिल्ली,…

2 घंटे ago

यमन की सेना ने देश के कुछ प्रमुख मोर्चों पर हूती लड़ाकों को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया

यमन की सेना ने देश के कुछ प्रमुख मोर्चों पर हूती लड़ाकों को भारी नुकसान…

2 घंटे ago

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को रूपांतरित करने के लिए शुरू की गई पीएम-सेतु योजना का एक वर्ष पूरा

पीएम-सेतु योजना का आज एक वर्ष पूरा हो गया है। इस योजना के अंतर्गत उन्नत…

3 घंटे ago

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को वन्य क्षेत्र में छोड़ा

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने गंभीर रूप से लुप्तप्राय…

3 घंटे ago

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश को 3,600 करोड़ रुपए की लागत से 3 लाख पक्के आवासों की बड़ी सौगात सौंपी

आंध्र प्रदेश के समग्र विकास और ग्रामीण उत्थान को नई गति देते हुए केंद्रीय मंत्री…

3 घंटे ago

इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्‍यामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित को भारत, इस्राएल और पूरी दुनिया का नायक बताया

इस्राएल के प्रधानमंत्री बे‍न्‍यामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को…

9 घंटे ago