केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भारत सरकार द्वारा जन स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने और मौसमी वेक्टर जनित रोगों के लिए समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों के तहत आज दिल्ली में डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में महामारी विज्ञान की बदलती स्थिति की समीक्षा करने और स्वास्थ्य संस्थानों एवं नागरिक एजेंसियों की तैयारियों का मूल्यांकन करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
विचार-विमर्श में महामारी को लेकर स्थिति की व्यापक समीक्षा, नगर निकायों, अस्पतालों और राज्य सरकार की तैयारियों की समीक्षा और निगरानी प्रणालियों, नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल और वेक्टर नियंत्रण उपायों का आकलन शामिल था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को देश भर में डेंगू की स्थिति और उससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई, जिसमें दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया। दिल्ली में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक व्यापक कार्य योजना प्रस्तुत की गई, जिसमें रोग निगरानी, वेक्टर प्रबंधन, मामलों का पता लगाने, नैदानिक प्रबंधन और जन जागरूकता को मजबूत करने के प्रमुख उपायों पर प्रकाश डाला गया।
बैठक में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय रणनीति के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई, जिसे दिल्ली सहित पूरे देश में लागू किया जा रहा है। ‘ऑक्टालॉग’ के नाम से जानी जाने वाली यह रणनीति आठ स्तंभों – निगरानी, मामलों का प्रबंधन, वेक्टर प्रबंधन, प्रकोप से निपटना, क्षमता निर्माण, व्यवहार परिवर्तन संचार, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय और निगरानी एवं पर्यवेक्षण पर आधारित है। यह भी बताया गया कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण (एनएचएम) के तहत सलाह जारी करना, उच्च स्तरीय समीक्षा, मामलों के प्रबंधन पर प्रशिक्षण, मुफ्त निदान सुविधाओं का प्रावधान, सामुदायिक जागरूकता अभियान, अंतर-मंत्रालयी समन्वय और वित्तीय सहायता सहित कई कदम उठाए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि डेंगू के मामले वर्तमान में कम हैं और मृत्यु दर मात्र 0.11 प्रतिशत है। हालांकि, उन्होंने आने वाले महीनों में संभावित खतरे के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से आगामी महीनों के लिए तैयारी पर जोर दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य और नगरपालिका निकाय किसी भी संभावित प्रकोप का पूर्वानुमान लगाने और उससे निपटने के लिए सक्रिय रूप से तैयार रहें और अपनी तत्परता का स्पष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने आक्रामक सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समुदाय में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नवीन रणनीतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जैसे कि स्कूलों, श्रमिक शिविरों और डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाना। उन्होंने “जन भागीदारी के माध्यम से जन चेतना” के संदेश को उजागर करते हुए राज्यों से वार्ड आयुक्तों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और आरडब्ल्यूए को जागरूकता और रोकथाम प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल करने का आह्वान किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली में डेंगू से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बुखार के बढ़ते मामलों वाले क्षेत्रों में वेक्टर नियंत्रण को तेज करने पर जोर दिया। हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए कीट जनित रोगों की निगरानी को मजबूत करने और सभी प्रभावित क्षेत्रों में बुखार की निगरानी को तेज करने पर भी बल दिया गया।
जेपी नड्डा ने समर्पित वार्ड, पर्याप्त बिस्तर, रक्त घटक, निदान उपकरण, दवाएं और कीटनाशक उपलब्ध कराकर अस्पतालों की तत्परता सुनिश्चित करने और सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों (एसएसएच) के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक और निजी अस्पतालों को सतर्क करने का आह्वान किया। तत्काल निवारक कार्रवाई के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के साथ एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, निजी अस्पतालों सहित सभी अस्पतालों से आईएचआईपी-वीबीडी पर मामलों की समय पर रिपोर्टिंग और प्रकोपों और प्रतिक्रियाओं पर नज़र रखने के लिए दैनिक जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों का आयोजन अनिवार्य किया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रभावी स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण अभियानों को सुनिश्चित करने के लिए नगर निकायों, रेलवे, छावनी बोर्ड, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य विभागों के बीच अंतर-क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करने के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से आज से शुरू होने वाले जुलाई के “डेंगू-विरोधी माह” के दौरान आईईसी गतिविधियों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया। इसके तहत मच्छरदानी और पूरी बाजू के कपड़े पहनने जैसे निवारक उपायों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक आईईसी और जागरूकता अभियान चलाए जाएं और स्कूलों, आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, सामुदायिक नेताओं, स्वयं सहायता समूहों और युवा क्लबों का सहयोग लिया जाए।
इस बैठक में दिल्ली में डेंगू से निपटने की तैयारियों का समग्र मूल्यांकन किया गया, रोकथाम, प्रकोप से निपटने और वेक्टर प्रबंधन के लिए तत्काल कार्रवाई बिंदुओं की पहचान की गई और मौजूदा मौसम के दौरान बढ़े हुए जोखिम को देखते हुए अस्पताल की तैयारियों और निगरानी को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
इस बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री तथा पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद डॉ. हर्ष मल्होत्रा; एनसीटी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह; एमसीडी के महापौर परवेश वाही; केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव; एनसीटी सरकार के शहरी विकास विशेष सचिव मनोज कुमार द्विवेदी; एम्स नई दिल्ली, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और आर्मी अस्पताल के निदेशक; एनडीएमसी के प्रतिनिधि और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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