केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा प्रकाशित एक प्रकाशन ‘भारत में बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्र का आकलन’ का विमोचन किया।
जल संसाधन के क्षेत्र में भारत के एक प्रमुख तकनीकी संगठन सीडब्ल्यूसी ने 1986-2022 की अवधि के लिए उपग्रह चित्रों का उपयोग करके बाढ़ की सभी घटनाओं को कैप्चर करके वैज्ञानिक अध्ययन किया है। इस प्रकाशन से पता चलता है कि विभिन्न संरचनात्मक उपायों को अपनाकर देश में लगभग 20.5 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ से बचाया गया है। इसके अलावा, 1986-2022 की अवधि के विश्लेषण के अनुसार देश में लगभग 21 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
इस प्रकाशन में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का जिलेवार विवरण दिया गया है। यह बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के विकास, बाढ़ प्रबंधन रणनीतियों के अग्रिम विकास, आपातकालीन प्रत्युत्तर के उपायों की योजना बनाने और बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए उपयोगी होगा। इसलिए यह बाढ़ से निपटने वाले योजनाकारों, नीति निर्माताओं, आपदा प्रबंधकों, राहत एजेंसियों, शिक्षाविदों आदि को बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न उपाय करने और आगे उचित बाढ़ सुरक्षा कार्य करने में मदद करेगा।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में सचिव (जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण) देबाश्री मुखर्जी, अध्यक्ष (केंद्रीय जल आयोग) कुशविंदर वोहरा और जल शक्ति मंत्रालय तथा सीडब्ल्यूसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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