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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कौशल भवन में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के कर्मचारियों के बच्चों के लिए शिशु सदन सुविधा का उद्घाटन किया

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने अधिक समावेशी, करुणामय और जन-केंद्रित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के मुख्यालय- कौशल भवन में कर्मचारियों के बच्चों के लिए एक नई शिशु सदन सुविधा का उद्घाटन किया।

लगभग 600 वर्ग मीटर में फैला यह नया शिशु सदन बच्चों के लिए एक स्वागतपूर्ण, सुरक्षित और शैक्षिक वातावरण प्रदान करता है। यहाँ बच्चे सीख सकते हैं, खेल सकते हैं, आराम कर सकते हैं और विकसित हो सकते हैं। इस शिशु सदन में आरामदायक सोने और आराम करने के लिए स्‍थान, बच्चों के लिए आकर्षक खेल और गतिविधि क्षेत्र, उनकी उम्र के अनुसार सीखने के संसाधन, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर, स्वच्छ शौचालय और शिशुओं और छोटे बच्चों के आराम और स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए भोजन और डायपर बदलने के कमरे हैं। प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं और सहायक कर्मचारियों द्वारा संचालित इस शिशु सदन को 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों की विकास और देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया है।

नवनिर्मित शिशु सदन केवल बुनियादी ढांचे तक ही सीमित नहीं है—यह एक ऐसी संस्कृति का प्रतीक है जो देखभाल को महत्व देती है, बचपन को बढ़ावा देता है और कर्मचारियों को पेशेवर प्रतिबद्धताओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में सक्षम बनाता है। कार्यस्थल के पास गुणवत्तापूर्ण शिशु सदन की पहल कामकाजी माता-पिता के लिए सहायक है और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अधिक समावेशी, परिवार-अनुकूल और जन-केंद्रित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर देबाश्री मुखर्जी, सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय; दिलीप कुमार, महानिदेशक (प्रशिक्षण), प्रशिक्षण महानिदेशालय; प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार गाबा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी; निरंजन कुमार सुधांशु, अपर सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय; मनीषा सेनशर्मा, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय; हिना उस्मान, संयुक्त सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय; अर्चना मायाराम, आर्थिक सलाहकार, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय; मानसी सहाय ठाकुर, संयुक्त सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय; एम. सुब्रमणियन, संयुक्त सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय और मंत्रालय, प्रशिक्षण महानिदेशालय, एनसीवीईटी और एनएसडीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। भारत के भविष्य के लिए तैयार और समावेशी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ने के साथ, इस तरह की पहलें प्रगतिशील, जन-केंद्रित और आधुनिक कार्यबल की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील संस्थानों के निर्माण पर सरकार के ध्‍यान को मजबूत करती हैं।

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