केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले और संसदीय मामले मंत्री किरेन रिजिजू ने आज अरुणाचल प्रदेश के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय स्थिति की समीक्षा की और कार्यक्रम के तहत भविष्य की योजनाओं का रोडमैप तैयार किया। समीक्षा बैठक के दौरान अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उपमुख्यमंत्री चौना मीन, अरुणाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय अधिकारिता और जनजातीय मामले (एसजेईटीए) मंत्री केंटो जिनी और विधायक एवं मंत्री के सलाहकार (एसजेईटीए) रोडे बुई मौजूद थे।
किरेन रिजिजू ने कार्यक्रम के तहत चल रही परियोजनाओं के लिए राज्य को केंद्रीय हिस्से के रूप में 35 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करने की भी घोषणा की। मंत्री ने दो नई परियोजनाओं की भी घोषणा की, एक दीयुन सर्कल के कुमचैखा और एक पाकपु मालिंग के लिए।
अरुणाचल प्रदेश राज्य के दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में बौद्ध समुदायों पर विशेष ध्यान देने के साथ “संपूर्ण सरकार” दृष्टिकोण के साथ अल्पसंख्यकों के विकास के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए और इन क्षेत्रों में युवा बौद्ध आबादी के लिए आधुनिक शिक्षा और पेशेवर/व्यावसायिक और कौशल विकास पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त प्रावधान के साथ पारंपरिक धार्मिक शिक्षा को धर्मनिरपेक्ष बनाने के प्रमुख उद्देश्य के साथ, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की बौद्ध विकास योजना (बीडीपी) के तहत पहले से ही स्वीकृत 10 परियोजनाओं (कुल अनुमानित लागत 41.07 करोड़ रुपये) के शीघ्र निष्पादन के लिए आगे बढ़ने की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मंत्रालय की विभिन्न चल रही योजनाओं जैसे पीएमजेवीके, पीएम-विकास, छात्रवृत्ति के साथ-साथ नेशनल माइनॉरिटीज डेवलेपमेंट फाइनेंस कॉपरेशन लिमिटेड (एनएमडीएफसी) द्वारा प्रशासित कार्यक्रमों और योजनाओं को एकीकृत करना है।
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