केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए लिकटेंस्टीन की उप-प्रधानमंत्री से मुलाकात की
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज नई दिल्ली में लिकटेंस्टीन रियासत की उप-प्रधानमंत्री और विदेश, पर्यावरण एवं संस्कृति मंत्री सबीन मोनाउनी से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और भारत तथा लिकटेंस्टीन के बीच व्यापार और निवेश सहयोग के नए अवसरों की तलाश करना था।
यह बैठक लिकटेंस्टीन रियासत के राष्ट्राध्यक्ष, महामहिम हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस की 25 से 28 अक्टूबर 2026 तक भारत यात्रा के दौरान हुई। 2026 में यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है; इससे पहले वे फरवरी में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे।
बैठक के दौरान, जितिन प्रसाद ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बाजार के बढ़ते अवसरों और चल रहे सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत उन वैश्विक व्यवसायों के लिए एक स्थिर, प्रतिस्पर्धी और विस्तार योग्य आधार के रूप में उभर रहा है, जो दीर्घकालिक विकास की तलाश में हैं। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और व्यावसायिक संबंधों को बढ़ाने की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद, 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसमें मजबूत घरेलू मांग और विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रों में हुई प्रगति का बड़ा योगदान रहा।
इस बैठक में लिकटेंस्टीन के एक उच्च-स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने भी हिस्सा लिया। जितिन प्रसाद ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों के लिए भारत में अपनी उपस्थिति और निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने लिकटेंस्टीन के कारोबारी समुदाय को भारत के बढ़ते बाजार, कुशल कार्यबल, मजबूत अवसंरचना और अनुकूल नीतिगत माहौल का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें भारत में अधिक निवेश करने तथा भारतीय व्यवसायों के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित किया। दोनों पक्षों ने प्रौद्योगिकी, नवाचार, वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस प्रतिनिधिमंडल में लिकटेंस्टीन चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स (एलसीसीआई), एलजीटी इंडिया, हिल्टी, सवाना सीड्स, लिकटेंस्टीन लैंग्वेजेज, ओपन कॉसमॉस लिमिटेड और लाइटरॉक के प्रतिनिधि शामिल थे।
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) देशों के बीच, लिकटेंस्टीन भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ‘भारत- ईएफटीए व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता’ (टीईपीए), भारत और ईएफटीए देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के लिए एक बेहतर फ्रेमवर्क प्रदान करता है। इसके तहत 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत- ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन 2026’ ने भारत- ईएफटीए और भारत-लिकटेंस्टीन के आर्थिक संबंधों को और गति प्रदान की है।
इस बैठक में भारत और लिकटेंस्टीन ने आर्थिक संबंधों को गहरा करने तथा ‘भारत- ईएफटीए टीईपीए’ के तहत मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाकर, अधिक मजबूत और सुदृढ़ व्यापार तथा निवेश साझेदारियां बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।





