वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के लॉजिस्टिक्स प्रभाग ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यक्रम के साथ पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) के चार परिवर्तनकारी वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया।
इस कार्यक्रम में जिन प्रमुख पहलों का उद्घाटन किया गया, उनमें एकीकृत भू-स्थानिक इंटरफेस (यूजीआई) के माध्यम से “पीएम गतिशक्ति पब्लिक” का शुभारंभ, बुनियादी ढांचे और भू-स्थानिक डेटा तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह क्वेरी-आधारित वेब प्लेटफॉर्म पीएम गतिशक्ति एनएमपी से चुनिंदा गैर-संवेदनशील डेटासेट तक विनियमित पहुंच प्रदान करता है। इससे निजी संस्थाएं, सलाहकार, शोधकर्ता और नागरिक बुनियादी ढांचे की योजना और निवेश निर्णयों के लिए उन्नत विश्लेषण का लाभ उठा सकते हैं। भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी-एन) द्वारा विकसित और राष्ट्रीय भू-स्थानिक डेटा रजिस्ट्री (एनजीडीआर) द्वारा संचालित, यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को भौतिक और सामाजिक अवसंरचना परिसंपत्तियों को कवर करने वाले 230 स्वीकृत डेटासेट तक पहुंचने, साइट उपयुक्तता विश्लेषण, कनेक्टिविटी मैपिंग, संरेखण योजना, अनुपालन जांच करने और पूर्व-निर्धारित टेम्पलेट्स और उपयोगकर्ता-निर्धारित मानदंडों के आधार पर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करने की अनुमति देता है। उपयोगकर्ता बहु-स्तरीय भू-स्थानिक डेटा को
गोपनीयता और नीतिगत मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए, मजबूत प्रमाणीकरण और डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ स्व-पंजीकरण के माध्यम से प्लेटफॉर्म तक पहुंच संभव है। यह प्लेटफ़ॉर्म आगामी चरणों में उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया और उभरती आवश्यकताओं के आधार पर नई डेटा परतों और विश्लेषणात्मक मॉड्यूल्स को जोड़कर विकसित होता रहेगा।
13 अक्टूबर, 2021 को लॉन्च की गई पीएम गतिशक्ति ने 57 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भू-स्थानिक डेटा को एकीकृत करके भारत में बुनियादी ढांचे की योजना और कार्यान्वयन में क्रांति ला दी है। इस पहल ने समन्वित बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ा बदलाव लाया है। इससे परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन, रसद लागत में कमी और सेवा वितरण में सुधार हुआ है, आर्थिक विकास को गति मिली है और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि हुई है। पिछले चार वर्षों में पीएम गतिशक्ति ने सैकड़ों प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है। साथ ही सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों को इसमें शामिल किया है। इसने योजना और विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाया है। यह पहल भारत के बुनियादी ढांचे के विकास ढांचे की आधारशिला के रूप में विकसित हो रही है।
यह पहल पीएम गतिशक्ति की उन्नत डेटा विश्लेषण क्षमताओं को निजी और सार्वजनिक क्षेत्र तक विस्तारित करके आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप पारदर्शिता, एकीकृत नियोजन और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है। यह बुनियादी ढांचे की योजना और कार्यान्वयन में मंत्रालयों, उद्योगों और नागरिकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देता है। यह प्लेटफॉर्म साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को और मजबूत करता है और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में सहायता करता है।
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