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Union Minister Shivraj Singh Chouhan arrived in Bihar and along with Deputy CM Samrat Choudhary, took stock of the flood situation and crop damage.
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बिहार पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ लिया बाढ़ और फसल बर्बादी का जायजा

बिहार में भीषण बाढ़ के संकट और किसानों की फसलों को पहुंचे भारी नुकसान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्य सरकार के मंत्रीगणों तथा केंद्र व राज्य के उच्चस्तरीय दल के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया। कहीं नाव में बैठकर, कहीं ट्रैक्टर पर सवार होकर तो कहीं हवाई सर्वेक्षण के जरिए उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का दर्द साझा किया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने स्पष्ट शब्दों में आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बिहार की जनता के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और संकट की इस घड़ी से हर नागरिक को सुरक्षित उबारने के लिए हरसंभव वित्तीय व ढांचागत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री के निर्देश पर तत्काल बिहार पहुंचे केंद्रीय मंत्री

​बिहार के कई जिलों में गंगा और अन्य नदियों के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि से उत्पन्न बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह संवेदनशील और सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को एक उच्चस्तरीय केंद्रीय दल के साथ सीधे बिहार पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों व अधिकारियों की विशेष टीम मौजूद रही। ​पटना पहुंचने के उपरांत केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्य मंत्रिमंडल के सहयोगियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जलमग्न क्षेत्रों का सघन मुआयना शुरू किया।

नाव, ट्रैक्टर और बोट पर सवार होकर खेतों और गांवों तक पहुंचे शिवराज सिंह

​बाढ़ की जमीनी हकीकत को अपनी आंखों से देखने के लिए केंद्रीय मंत्री चौहान औपचारिकता से परे सीधे पानी में उतरे। हाजीपुर (वैशाली) के सर्वाधिक प्रभावित तेरसिया और सरायपुर गांवों में उन्होंने मोटरबोट और देशी नाव में सवार होकर जलमग्न रिहायशी इलाकों व खेतों का मुआयना किया। कई दुर्गम स्थानों पर उन्होंने ट्रैक्टर में बैठकर स्थिति देखी। ​राघोपुर सिक्स लेन ब्रिज से भी उन्होंने बाढ़ के फैलाव और जलस्तर का अवलोकन किया। इसके अलावा मुंगेर में नवागढ़ी राहत शिविर तथा कोजीकरैया बांध का निरीक्षण कर सुरक्षा व जल निकासी के प्रबंधों की समीक्षा की। इसके बाद भागलपुर पहुंचकर उन्होंने स्थापित राहत शिविरों का मुआयना किया और वहां शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों से आत्मीय संवाद स्थापित किया।

2016 से भी एक फीट ऊपर पानी, केले और मक्के की फसलें तबाह

​बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेहद संवेदनशील और भावनात्मक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री जी और स्थानीय नागरिकों ने बताया है कि इस बार जलस्तर 2016 की ऐतिहासिक बाढ़ से भी लगभग एक फीट ऊपर चला गया है। 10 दिनों से अधिक समय तक लगातार पानी में डूबे रहने के कारण केले और मक्के की फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं। लगभग 50 लाख लोग इस विभीषिका से सीधे प्रभावित हुए हैं। लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं, मकानों को क्षति पहुंची है और पशुधन की भी हानि हुई है।

​उन्होंने कहा कि किसानों की खून-पसीने की कमाई को पानी में डूबते देखना अत्यंत पीड़ादायक है, लेकिन अन्नदाताओं को हताश होने की आवश्यकता नहीं है; सरकार उनकी मेहनत और आजीविका की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार की तत्परता और तात्कालिक राहत वितरण की सराहना
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शिवराज सिंह चौहान ने संकट के समय में राज्य सरकार की मुस्तैदी की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में प्रशासन दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में लगा हुआ है। ​राज्य सरकार द्वारा तात्कालिक सहायता के रूप में प्रत्येक प्रभावित परिवार के बैंक खाते में 7,000 रुपए की राशि सीधे अंतरित (DBT) करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। ​बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बोट के जरिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीमों को भेजकर घर-घर व शिविरों में चिकित्सा सहायता और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय, स्वच्छ पेयजल, सूखे राशन तथा गर्म भोजन के पैकेटों का सुचारू वितरण सुनिश्चित किया गया है।

एनडीआरएफ और केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी दल करेगा पूर्ण नुकसान का आकलन

​केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अपने राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) और संसाधनों से त्वरित मदद पहुंचा रही है, लेकिन व्यापक पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार पूरी ताकत झोंकेगी। उन्होंने बताया कि आज कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी प्राथमिक स्थिति देख रहे हैं। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार की ओर से एक विस्तृत अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) बिहार भेजा जाएगा। यह दल राज्य के विभिन्न जिलों में हुए नुकसान- विशेषकर कृषि फसलों, सड़कों, पुल-पुलियों, मकानों और पशुधन की क्षति का विस्तृत आकलन करेगा। राज्य सरकार द्वारा एनडीआरएफ (NDRF) के तहत जो भी औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा, उसके अनुरूप केंद्र सरकार बिना किसी विलंब के पर्याप्त वित्तीय व भौतिक सहायता जारी करेगी।

बिहार की जनता जनार्दन को संकट से पार लगाना हमारा संकल्प

​बाढ़ पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं बिहार की आदरणीय जनता जनार्दन को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ओर से आश्वस्त करता हूँ कि भले ही यह संकट बहुत बड़ा है, लेकिन हमारे हौसले और सेवा का संकल्प उससे भी बड़ा है। इस संकट के पार निकालने में हम राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। किसी भी पीड़ित परिवार को बेसहारा नहीं रहने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

​दिनभर विभिन्न जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों, तटबंधों और राहत शिविरों का सघन दौरा करने के पश्चात केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम 6 बजे अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में केंद्रीय एवं राज्य सरकार के सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहेंगे, जहां राहत सामग्री के वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, फसलों के मुआवजे की कार्ययोजना तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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