भारत

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डेयरी और इससे संबद्ध क्षेत्रों में NDDB और इसकी सहायक संस्थाओं द्वारा की जा रही महत्वपूर्ण गतिविधियों की समीक्षा की

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज डेयरी और इससे संबद्ध क्षेत्रों में एनडीडीबी और इसकी सहायक संस्थाओं द्वारा की जा रही महत्वपूर्ण गतिविधियों और कृषि से संबद्ध क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड – एनडीडीबी द्वारा प्रस्तावित किसानोन्नमुख नयी गतिविधियों की समीक्षा की और इन्हें मिशन मोड में आगे ले जाने के लिए मार्गदर्शन दिया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक व सचिव डॉ़ हिमांशु पाठक, पशुपालन और डेयरी विभाग की सचिव डॉ अल्का उपाध्याय, पशुपालन और डेयरी विभाग की अपर सचिव वर्षा जोशी, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव मनिन्दर कौर द्विवेदी, एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ मीनेश शाह एवं केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एनडीडीबी वर्षों से सहकारिता के माध्यम से डेयरी के क्षेत्र में अपनी सहायक संस्थाओं के साथ किसानों की आजीविका को सुधारने के प्रयास में जुड़ी हुई है और कृषि के क्षेत्र में उनका काम काफी सराहनीय है। उन्होंने दिशा निर्देश दिया कि इन योजनाओं को सभी संबद्ध मंत्रालय और विभाग, एनडीडीबी के साथ मिलकर उचित योजना, समझौता ज्ञापन इत्यादि करें और उस पर सप्ताह में काम को शुरू करें।

शिवराज सिंह चौहान ने विभाग के अधिकारियों से कहा कि नियमित संयुक्त बैठकें करें। महिलाओं के लिए दुग्ध क्षेत्र में रोज़गार के अवसर बढ़ाएं। एनडीडीबी के माध्यम से 5 लाख महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। एनडीडीबी सहकारिता के साथ मिलकर काम कर रहा है। एनडीडीबी, एफपीओ के माध्यम से भी काम कर रहा है। इसमें और क्या व कैसे अच्छा कर सकते हैं इस पर ध्यान दें। एनडीडीबी तिलहन के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। सरसों के उत्पादन व तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने व उन्हें सुविधाएं देने के लिए क्या कर सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे पॉम ऑयल मिशन की वैल्यू चैन में एनडीडीबी सहभागिता करे। राज्यों के साथ मिलकर सरसों के किसानों की भलाई के लिए काम करे जैसे कि सरसों खरीद आदि। बैठक में जानवरों के लिए हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सूखे चारे का ज़्यादा से ज्यादा उपयोग हो, चारा व्यर्थ ना जाए। चारा बीजों की उपलब्धता बढ़ाने व सहकारिता के माध्यम से इसका विस्तार करने को लेकर भी बात हुई। एनडीडीबी फसल अवशेषों का कुशल प्रबंधन करने में भी काम करे। साथ ही, किसानों और उपभोक्ताओं के बीच भाव का अंतर कम करने के लिए काम करें। एनडीडीबी के सफल ब्रांड के माध्यम से उपभोक्ता फल और सब्जी खरीदते हैं। टमाटर, आम, शहद और मधुमक्खी पालन आदि के क्षेत्र में एनडीडीबी काम कर रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे सबद्ध क्षेत्रों में काम करना चाहिए जो कि किसानों की आय बढ़ाने में अत्यंत सहभागी हो सकता है। एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ मीनेश शाह ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के साथ संभावित गतिविधियों और वर्तमान में किए जा रहे कार्यों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

Editor

Recent Posts

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रसायन पार्क योजना “भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य रसायन) को मंजूरी दी”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक…

5 घंटे ago

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कर्नाटक…

5 घंटे ago

भारत और इस्राएल ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए वार्ता का दूसरा दौर सफलतापूर्वक संपन्न किया

भारत और इज़राइल ने प्रस्तावित भारत-इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का दूसरा…

5 घंटे ago

मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में आज मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया

मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में आज मूसलाधार बारिश का रेड…

7 घंटे ago

सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र सरकार और नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर सुधारों को लागू करने पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का दिया निर्देश दिया

सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट-यूजी पेपर लीक मामले…

7 घंटे ago

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित दमन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया को लेकर निराशा जताई

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित दमन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया…

7 घंटे ago