संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि प्राकृतिक जलवायु घटना ‘अल नीनो’ से दुनिया भर में अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। इससे लैटिन अमरीका, अफ्रीका, एशिया और प्रशांत क्षेत्र में भीषण गर्मी, सूखे और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
जिनेवा में एक संवाददाता सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव टॉम फ्लेचर ने अल नीनो को विनाशकारी प्रभाव डालने वाली घटना बताया और इसके असर को कम करने के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने की तैयारी के लिए अगले दो सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने सरकारों, नागरिक समाज, कारोबार जगत और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से संसाधन जुटाने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां बनाए रखने की अपील की। फ्लेचर ने चेतावनी दी कि इसके प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों के बाहर भी संघर्ष, लोगों के विस्थापन और पलायन की स्थिति पैदा हो सकती है।
विश्व मौसम संगठन की प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक अल नीनो असाधारण रूप से शक्तिशाली हो सकता है और इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है। उन्होंने आगाह किया कि दक्षिण-पूर्व एशिया में तापमान बढ़ सकता है, वर्षा कम हो सकती है और जंगलों में आग लगने तथा धुएं से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं। इससे कृषि और जल आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।
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