अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत सहित कई देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा की है। इन देशों से आयातित वस्तुओं पर 26 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि शुल्क पूरी तरह पारस्परिक नहीं होंगे और अमरीका उन देशों द्वारा लगाए गए शुल्कों का लगभग आधा शुल्क वसूलेगा। उन्होंने कहा कि अमरीका गैर-टैरिफ बाधाओं सहित सभी शुल्कों की संयुक्त दरों की गणना करेगा और उन देशों द्वारा अमरीका पर लगाए गए शुल्कों का लगभग आधा शुल्क लगाएगा।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने यूरोपीय संघ से आयात पर 20 प्रतिशत और ब्रिटेन से 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की भी घोषणा की जो अमरीका के दो मुख्य व्यापारिक साझेदार और सहयोगी देश हैं। जापान पर भी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 24 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि ये शुल्क अमरीका में आयातित सभी उत्पादों पर 10 प्रतिशत आधार आयात शुल्क के अतिरिक्त हैं। चीन पर 34 प्रतिशत, भारत पर 26 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 37 प्रतिशत, पाकिस्तान पर 29 प्रतिशत, श्रीलंका पर 44 प्रतिशत और इजराइल पर 17 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा।
इस बीच दुनिया भर के कई देशों ने इस शुल्क को अन्यायपूर्ण बताया है। कनाडा ने कहा कि वह अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शुल्क के जवाब में शुल्क लगाएगा। ब्रिटेन ने ट्रंप के 10 प्रतिशत शुल्क के जवाब में शांत रहने का फैसला किया है। इटली की प्रधानमंत्री जियार्जिया मेलोनी ने कहा कि अमरीकी शुल्क गलत हैं। उन्होंने शुल्क युद्ध से बचने के लिए अमरीका और यूरोप के साथ मिलकर काम करने की आशा प्रकट की वरना इससे पश्चिम कमजोर होगा। आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि नए शुल्क लगाना मित्र का कार्य नहीं है लेकिन उनका देश अमरीका पर जवाबी शुल्क नहीं लगाएगा।
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