उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज नगालैंड के लुमामी परिसर में आयोजित नगालैंड विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पदभार ग्रहण करने के बाद नगालैंड की अपनी पहली यात्रा पर आज लुमामी स्थित नगालैंड विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया।
उपराष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद पूर्वोत्तर की अपनी पहली यात्रा के दौरान सभा को संबोधित करते हुए नगालैंड आने पर प्रसन्नता व्यक्त की। नगालैंड को प्रकृति, संस्कृति और साहस का संगम बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की वास्तविक शक्ति यहां के लोगों और उनकी जीवंत परंपराओं में निहित है।
भारत की विविधता में एकता पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की शक्ति उसके मतभेदों में नहीं, बल्कि उसके लोगों को एकजुट करने वाली एकता में है।
उपराष्ट्रपति ने 1994 में नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी से अलग होकर स्थापित नगालैंड विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा में किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक दायरे का विस्तार किया है और पूरे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच को मजबूत किया है।
उन्होंने कैंसर अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना सहित विभिन्न क्षेत्रों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और स्वदेशी नगा भाषाओं और पारंपरिक कानूनों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
उपराष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उनसे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच सामंजस्य बनाए रखते हुए उद्देश्यपूर्ण प्रगति के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।
युवाओं को जिम्मेदार जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने छात्रों से एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध रहने और नशे को दृढ़ता से ना कहने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया पहले से कहीं अधिक तेजी से विकसित हो रही है। उन्होंने उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुकूल होने के लिए ज्ञान और कौशल को लगातार उन्नत करने के महत्व पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास पर सरकार के फोकस को भी उजागर किया। उन्होंने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल (पीएम-देवीआईएनई) के बारे में बताया, जो इस क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक विकास और आजीविका संबंधी परियोजनाओं का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि ये पहल युवाओं के लिए अवसर पैदा करने और क्षेत्र में समावेशी विकास को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार नगालैंड सरकार और पूर्वी नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के बीच फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौते की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का समाधान करेगा और क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा देगा।
उपराष्ट्रपति ने नगालैंड के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और राज्य सरकार द्वारा राज्य में विकास और शांति संबंधी पहलों को आगे बढ़ाने में निभाई गई भूमिका की भी सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर के अभूतपूर्व विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर भले ही क्षेत्रों को आपस में जोड़ती हो, लेकिन लोगों के बीच आपसी मेलजोल ही राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।
उपराष्ट्रपति ने इस यात्रा के दौरान नगालैंड विश्वविद्यालय में एचईएफए फेज II भवनों की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर नगालैंड के राज्यपाल और नगालैंड विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर अजय कुमार भल्ला, नगालैंड के उप मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग, नगालैंड विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. समुद्र गुप्ता कश्यप, कुलपति प्रोफेसर जगदीश कुमार पटनायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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