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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रांची स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज झारखंड के रांची स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि तीन साल के अंतराल के बाद संस्थान का दौरा करना उनके लिए खुशी की बात है। झारखंड के पूर्व राज्यपाल के रूप में अपने जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस संस्थान की प्रगति को बड़ी दिलचस्पी से देखते रहे हैं और इस दौरान आईआईएम रांची द्वारा हासिल की गई प्रगति वास्तव में उल्लेखनीय रही है।

उपराष्ट्रपति ने सामाजिक रूप से उत्तरदायी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रबंधन शिक्षा को बोर्डरूम और बैलेंस शीट से परे जाना चाहिए एवं समाज के साथ जुड़ना चाहिए, वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करना चाहिए और समावेशी विकास में योगदान देना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अकादमिक केस स्टडी विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण करती हैं, जबकि जीवन में ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं जो लोगों की आजीविका, विश्वास और व्यापक सामाजिक हित को प्रभावित करते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सफलता को केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उन मूल्यों और नैतिकता से परिभाषित करें जिनका अनुसरण करते हुए उपलब्धियां हासिल हुईं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नैतिक नेतृत्व, ईमानदारी और विश्वास ही स्थायी संस्थानों की नींव हैं। उन्होंने छात्रों को शॉर्टकट की बजाय चरित्र और लाभ की बजाय उद्देश्य को चुनने के लिए प्रोत्साहित किया।

उपराष्ट्रपति ने युवाओं से 2047 में विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में योगदान देने का आह्वान करते हुए उनसे “वैश्विक स्तर पर सोचने, स्थानीय स्तर पर कार्य करने” और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनके कार्यों का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखे।

सी.पी. राधाकृष्णन ने स्नातक छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उन्‍हें सफलता, पूर्णता और उद्देश्यपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं, साथ ही उनसे आग्रह किया कि वे हमेशा याद रखें कि सफलता का सच्चा मापदंड इस बात में नहीं है कि कोई क्या अर्जित करता है, बल्कि इस बात में है कि कोई समाज को क्या देता है।

इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार; राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश; केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ; झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार; और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्‍णन ने देश के उपराष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद राज्य की अपनी इस पहली यात्रा के दौरान खूंटी जिले के उलिहातु गांव में भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थान का दौरा किया और इस महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि उलिहातु की दोबारा यात्रा करके वे अत्यंत भावुक हो गए और झारखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के पहले ही दिन की अपनी यात्रा को उन्होंने स्नेहपूर्वक याद किया। उन्होंने उलिहातु गांव में भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों से भी बातचीत की।

उपराष्ट्रपति ने रांची के भगवान बिरसा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि भी अर्पित की।

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