उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में सेशेल्स की नेशनल असेम्बली की अध्यक्ष अज़ारेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सेशेल्स गणराज्य की नेशनल असेम्बली की अध्यक्ष अज़ारेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
नेशनल असेम्बली की अध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए उपराष्ट्रपति ने सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर वहां की सरकार और जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अज़ारेल अर्नेस्टा को सेशेल्स नेशनल असेम्बली की पहली महिला अध्यक्ष बनने पर भी बधाई दी। उपराष्ट्रपति ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल के 28वें अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) में उनकी भागीदारी का भी उल्लेख किया।
दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और दीर्घकालिक संबंधों को याद करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सेशेल्स उनके लिए एक विशेष स्थान रखता है। उन्होंने अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सेशेल्स की अपनी यात्रा को स्नेहपूर्वक याद किया। ये भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में उनकी पहली विदेश यात्रा थी। उन्होंने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी और उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले के साथ अपनी मुलाकातों को भी याद किया तथा सेशेल्स की जनता द्वारा दिए गए स्नेह और आतिथ्य का जि़क्र किया।
द्विपक्षीय संबंधों में 2026 के महत्व को रेखांकित करते हुए, सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि इस वर्ष दोनों देशों के बीच दो राजकीय यात्राएं हुईं। भारत के प्रधानमंत्री ने जून 2026 में सेशेल्स में आयोजित 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लिया, जबकि राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने फरवरी 2026 में भारत की राजकीय यात्रा की। उन्होंने आगे कहा कि उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले ने फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा की। सीपी राधाकृष्णन ने यह भी रेखांकित किया कि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेशेल्स के संसदीय प्रतिनिधिमंडल की वर्तमान यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को और गति प्रदान करेगी।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने यह भी याद किया कि फरवरी 2026 में भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी, जिससे दोनों देशों के बीच विकास और सुरक्षा साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सचिवालय द्वारा किए जा रहे आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण संबंधी पहलों की भी जानकारी साझा की। उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली के बढ़ते डिजिटलीकरण, कार्यवाही का अनेक भाषाओं में एक साथ अनुवाद, संसदीय कार्यवाही को कागज रहित और अधिक कुशल बनाने के प्रयासों, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों तथा संसदीय दस्तावेजों के डिजिटल अभिलेखागार के निर्माण का उल्लेख किया। उन्होंने सेशेल्स की नेशनल असेम्बली के साथ भारत के अनुभव और ज्ञान को साझा करने की इच्छा व्यक्त की तथा सेशेल्स की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप अध्ययन संबंधी यात्राओं और अनुकूलित क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश की।
लोगों के बीच आपसी संबंधों के महत्व पर बल देते हुए सीपी राधाकृष्णन ने सेशेल्स में भारतीय समुदाय, विशेष रूप से गुजराती और तमिल समुदायों के योगदान को स्वीकार किया और कहा कि वे दोनों देशों के बीच मित्रता के एक स्थायी सेतु के रूप में काम करते हैं।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि सेशेल्स की नेशनल असेम्बली की अध्यक्ष नियमित रूप से योग करती हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत और सेशेल्स के लोगों के बीच के घनिष्ठ संबंधों का एक मज़बूत प्रतीक है। उन्होंने आने वाले वर्षों में दोनों देशों की संसदीय संस्थाओं के बीच निरंतर सम्पर्क तथा और अधिक घनिष्ठ सहयोग की आशा व्यक्त की। उन्होंने नेशनल असेम्बली की अध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को भारत में सुखद एंव सफल प्रवास की शुभकामनाएं दीं।





