उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज बेंगलुरु में राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला में कार्बन फाइबर और प्रीप्रेग्स केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रयोगशाला में विमानन प्रौद्योगिकी में नवाचारों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस प्रयोगशाला द्वारा डिजाइन और विकसित स्वदेशी ट्रेनर विमान हंसा एन जी और बहुउद्देशीय विमान सारस की उड़ान को भी देखा।
उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिक समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 2047 में आजादी के सौ वर्ष पूरे होने पर विकसित राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिए अमृत काल में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों को दुनियाभर में मान्यता मिली है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हल्का लड़ाकू विमान तेजस आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।
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