विश्व बैंक ने महाराष्ट्र में, विशेषकर पिछड़े जिलों में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए 18.82 करोड़ अमेरिकी डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। एक मीडिया विज्ञप्ति से यह जानकारी मिली। विश्व बैंक ने एक बयान में कहा कि विकास कार्यों को गति देने, जिलों में संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने के लिए वह ‘महाराष्ट्र संस्थागत क्षमता सुदृढ़ीकरण’ के तहत 18.82 करोड़ अमेरिकी डॉलर की जिला योजना और विकास रणनीतियों का समर्थन करेगा।
इस अभियान के अंतर्गत निवेश से जिलों को आवश्यक डाटा, धन और विशेषज्ञता प्राप्त होगी, जिससे विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सकेगा। बयान में कहा गया है कि इससे जिलों में व्यवसायों, विशेषकर पर्यटन क्षेत्र में ई-सरकारी सेवाओं में सुधार करके निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी।
भारत में विश्व बैंक के ‘कंट्री डायरेक्टर’ ऑगस्टे तानो कौमे ने कहा, ‘‘जिला स्तर पर संस्थागत क्षमता और समन्वय में स्पष्ट निवेश प्रदान करके यह कार्यक्रम साक्ष्य-आधारित नियोजन और नीति निर्माण, निजी क्षेत्र के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के कुशल ‘इंटरफेस’ और जनता के लिए बेहतर सेवा वितरण को बढ़ाएगा। ये सभी विशेष रूप से पिछड़े जिलों में विकास के आधार हैं।’’
मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) से प्राप्त 18.82 करोड़ अमेरिकी डॉलर के ऋण की मियाद की अवधि 15 वर्ष है, जिसमें पांच वर्ष की छूट अवधि भी शामिल है।
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