विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा है कि मौजूदा अल नीनो की स्थिति और तीव्र होने की संभावना है। संगठन के नवीनतम मासिक वैश्विक मौसमी जलवायु अपडेट के अनुसार इसके कारण दुनिया के अधिकांश हिस्सों में औसत से अधिक तापमान और वर्षा के पैटर्न में बदलाव की संभावना है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में सूखे और बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
2026 में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। इस घटना से मौसम का पैटर्न प्रभावित होगा और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं, पारिस्थितिक तंत्रों पर इसका असर पड़ेगा।
संगठन की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा कि अल नीनो की स्थिति तेजी से मजबूत हो रही है। इसके फरवरी 2027 तक बने रहने की लगभग शत-प्रतिशत संभावना है।





