भारत 6जी मिशन’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में दूरसंचार विभाग (DoT) ने TSDSI के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए
दूरसंचार मानकीकरण में भारत के वैश्वक नेतृत्व को मजबूत करने और ‘भारत 6जी मिशन’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटीT) ने ‘टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया’ (टीएसडीएसआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता 9वें टीडीएसआई टेक्निकल डीप डाइव (टीटीडीडी) 2026 के दौरान, केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
यह एमओयू तकनीक विकास और निवेश संवर्धन (टीडीआईपी) योजना के तहत किया गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक मानक विकास संगठनों (एसडीओ) में भारत की भागीदारी को मजबूत करना, घरेलू नवाचार को बढ़ावा देना, अंतर्राष्ट्रीय मानकों में भारतीय तकनीक के योगदान को आसान बनाना और वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में भारतीय स्टार्टअप्स और एमएसएमई की भागीदारी को बढ़ाना है।
इस मौके पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “हम सबसे बुद्धिमान और असाधारण लोगों को एक साथ लाकर सहयोग और भरोसेमंद साझेदारी की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही, हम नवाचार के केंद्र और तेजी से विकास की प्रयोगशाला के तौर पर भारत की दशकों पुरानी यात्रा को भी सामने ला रहे हैं। आज भारत उभरती हुई तकनीक का केंद्र बन गया है। बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान की यह निरंतर प्रक्रिया इस बात की नींव रखने में मदद करेगी कि संचार प्रौद्योगिकी न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए कैसे विकसित होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “इतिहास गवाह है कि इंसानी सभ्यता हमेशा उन नेटवर्कों से आकार लेती रही है जो उसने खुद बनाए हैं। आज के दौर में, दूरसंचार एक ऐसी अदृश्य ताकत रही है जिसने दुनिया भर के नागरिकों को कई तरह के बड़े फायदे पहुंचाए हैं। इसने इंसानी संभावनाओं का दायरा इतना बढ़ाया है, जितना मानव इतिहास में किसी भी नवाचार ने नहीं किया।”
एमओयू की मुख्य विशेषताएं
एमओयू का लक्ष्य निम्नलिखित पहलों के माध्यम से एक मजबूत दूरसंचार मानक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है:
- 3जीपीपी, आईटीयू और वनएम2एम सहित वैश्विक मानक विकास संगठनों में भागीदारी के लिए वित्तीय सहायता, अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण गतिविधियों में अधिक भारतीय प्रतिनिधित्व को सक्षम करना।
- टीएसडीएसआई सदस्यता शुल्क के लिए सब्सिडी:
- ₹10 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले पात्र डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए 98% तक वित्तीय सहायता।
- ₹10 करोड़ से अधिक और ₹500 करोड़ तक के वार्षिक कारोबार वाले पात्र एमएसएमई के लिए 80% तक वित्तीय सहायता।
- तीसरी पीढ़ी की भागीदारी परियोजना (3जीपीपी) की व्यक्तिगत सदस्यता (आईएम) शुल्क के लिए इसी तरह का समर्थन, जिससे भारतीय इनोवेटर्स सीधे तौर पर वैश्विक 5जी एडवांस्ड और 6जी स्टैंडर्ड्स में योगदान दे सकें।
- अंतर्राष्ट्रीय मानक बैठकों में हिस्सा लेने के लिए स्टार्टअप्स और एमएसएमई को यात्रा में मदद, जिसमें पात्र खर्च का 80% तक वित्तीय समर्थन मिलेगा (हर व्यक्ति के लिए हर अंतर्राष्ट्रीय बैठक पर ₹5 लाख की अधिकतम सीमा के साथ), ताकि वैश्विक मानक संस्थाओं में भारतीय तकनीक योगदान (टीडीओसीएस) जमा करने को बढ़ावा मिल सके।
- भारत में अंतर्राष्ट्रीय मानक बैठकों (जैसे 3जीपीपी और वनएम2एम बैठक) आयोजित करने के लिए समर्थन, ताकि दूरसंचार मानकीकरण पर चर्चा के लिए भारत की स्थिति एक पसंदीदा वैश्वक गंतव्य के तौर पर मजबूत हो और भारतीय शैक्षणक क्षेत्र, स्टार्टअप्स और उद्योग की भागीदारी बढ़ सके।
- आईटीयू और वनएम2एम जैसी प्रमुख वैश्विक मानक संस्थाओं में टीएसडीएसआई की सदस्यता के लिए वित्तीय समर्थन, ताकि अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण में लगातार भागीदारी बनी रहे।
वैश्विक मानकों में भारत की मौजूदगी को मजबूत करना
इस सहयोग के जरिए, डीओटी का उद्देश्य वैश्विक दूरसंचार मानकों में भारत के योगदान को बढ़ाना, देश में बनी बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) को प्रोत्साहन और ‘भारत 6जी मिशन’ के लक्ष्यों के अनुरूप वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी दूरसंचार तकनीक के विकास में मदद करना है।
इस साझेदारी से वैश्वक मानकों के विकास में भारतीय स्टार्टअप्स और एमएसएमई की भागीदारी काफी बढ़ने, नवाचार-आधारित विनिर्माण को बढ़ावा मिलने और अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक और मानकों में भारत को एक प्रमुख योगदानकर्ता के तौर पर स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
टीएसडीएसआई के बारे में:
टीएसडीएसआई भारत का दूरसंचार मानक विकास संगठन है और यह 3जीपीपी और वनएम2एम का संगठनात्मक भागीदार होने के साथ-साथ आईटीयू का सेक्टर सदस्य भी है।
तकनीक विकास और निवेश संवर्धन (टीडीआईपी) योजना के बारे में:
2026-31 की अवधि के लिए ₹203 करोड़ के बजट वाली दूरसंचार विकास और निवेश संवर्धन (टीडीआईपी) योजना दूरसंचार विभाग (डीओटी) की एक पहल है। इसका उद्देश्य देश में दूरसंचार तकनीक के विकास, नवाचार और वैश्विक मानकीकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शैक्षणिक क्षेत्र, उद्योग और मानक विकास संगठनों (एसडीओ) को लक्षित वित्तीय समर्थन देती है ताकि मानकों के विकास, परीक्षण और प्रमाणन, व्यवसायीकरण और वैश्विक मानक संगठनों में भागीदारी को मजबूत किया जा सके। इसे एक व्यापक सपोर्ट फ्रेमवर्क के तौर पर डिजाइन किया गया है ताकि ‘भारत 6जी मिशन’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए, 5जी एडवांस्ड और 6जी जैसी अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों में भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता को बढ़ाया जा सके।





