केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधि साथ आए।
चर्चा बीते समय में हुए कई मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), इन एफटीए का इस्तेमाल करने में मौजूदा वस्तु-स्थिति और चुनौतियां, हाल ही में पूरे हुए एफटीए में बनने वाले अवसरों तथा प्रस्तावित व चल रही एफटीए वार्ताओं के लिए उद्योग के विचारों और अपेक्षाओं पर केंद्रित रही।
इस सत्र में वाणिज्य विभाग की ओर से एसईजेड के प्रदर्शन और हाल ही में किए गए सुधारों के साथ-साथ प्रस्तावित सुधारों पर भी प्रस्तुतियां दी गईं। प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना, स्तर की आर्थिकी को बढ़ाना, एसईजेड में निष्क्रिय क्षमताओं का इस्तेमाल करना था, जिससे 2027 तक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के देश के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारियों और व्यापार के सदस्यों के साथ विशेष आर्थिक क्षेत्रों में आइसगेट कार्यान्वयन पर ब्रेकआउट सत्र भी आयोजित किए गए।
कपड़ा, परिधान, इंजीनियरिंग, रत्न और आभूषण, चिकित्सा उपकरण, सेवा क्षेत्र, एफआईईओ, आयुष, चमड़ा, एसोचैम इत्यादि जैसे विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने सर्वोत्तम संभव व्यापार वातावरण और बाजार अवसर बनाने में केंद्रीय मंत्री के प्रयासों का स्वागत किया गया।
पीयूष गोयल ने ईज ऑफ डूइंग बिजसने की पहल के जरिए एक सुविधाजनक व्यापार वातावरण बनाने, भारतीय निर्यातकों के लिए अधिक बाजार अवसर पैदा करने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने इस विषय पर जोर दिया कि उद्योग को अपनी विनिर्माण क्षमताओं को बेहतर करना चाहिए, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लानी चाहिए, आत्मनिर्भर भारत बनने के लक्ष्य को साकार करने के लिए आयात निर्भरता को कम करना चाहिए।
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