शंघाई सहयोग संगठन राष्ट्राध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक कल चीन के तिआनजिन में शुरू होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिन के शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं के साथ उच्च स्तरीय विचार विमर्श में शामिल होंगे। यह सम्मेलन सदस्य देशों में क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क, सतत विकास और एकजुटता बढाने पर केंद्रित होगा।
यह पाँचवीं बार है जब चीन शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है। इसमें बीस से अधिक देशों के शीर्ष नेता और दस अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के भाग लेने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रमुख प्रतिभागियों में शामिल हैं, जिससे यह शिखर सम्मेलन अब तक का सबसे बड़ा और महत्त्वाकांक्षी माना जा रहा है। “अप होल्डिंग द शंघाई स्पिरिट: एससीओ ऑन द मूव” थीम के तहत, चीन ने वर्ष 2025 को “एससीओ सतत विकास का वर्ष” घोषित किया है। सम्मेलन में जहां संगठन की 25 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी, वहीं दस वर्षीय विकास रणनीति को भी अपनाया जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, संपर्क, आतंकवाद-रोधी प्रयास तथा सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…
भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…
भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…