ईरान ने कहा है कि वह अमरीका के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतिम शांति समझौते पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक उसकी प्रमुख शर्तें पूरी नहीं हो जाती। हालांकि, ऐसी खबरें हैं कि दोनों पक्ष शुरूआती समझौते के करीब हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि समझौता ज्ञापन का मसौदा तैयार कर लिया गया है और आने वाले दिनों में इस पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान ने कहा है कि वो तब तक स्थायी समझौता नहीं करेगा जब तक अमरीका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और अरबों डॉलर की फ्रीज की गई परिसंपत्तियों के नुकसान की भरपाई नहीं करता। इस बीच, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही गुप्त वार्ता में अमरीकी और पाकिस्तानी मध्यस्थों ने पुष्टि की है कि दोनों पक्ष, शांति समझौते के मसौदे पर सहमत हो गए हैं।
इस बीच, ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि वह ईरान के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को मंजूरी देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए तेहरान को परमाणु हथियार निर्माण से जुड़े बुनियादी ढांचे को खत्म करना होगा। यह स्पष्टीकरण तब आया जब ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कल प्रस्तावित अमरीका-ईरान परमाणु समझौते का विवरण प्रस्तुत किया।
सरकार ने वर्तमान सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम को 30…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गए…
भारतीय वायुसेना का ए.एन-32 विमान आज सुबह असम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा जोरहाट…
कांगो में इबोला के मामलों की संख्या बढ़कर 679 हो गई है। वही, अब तक…
हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायु सेना अकादमी (एएफए) से स्नातक होने के बाद राष्ट्रीय रक्षा…
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने कृषि जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और पहुंच…