ईरान ने कहा है कि वह अमरीका के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतिम शांति समझौते पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक उसकी प्रमुख शर्तें पूरी नहीं हो जाती। हालांकि, ऐसी खबरें हैं कि दोनों पक्ष शुरूआती समझौते के करीब हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि समझौता ज्ञापन का मसौदा तैयार कर लिया गया है और आने वाले दिनों में इस पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान ने कहा है कि वो तब तक स्थायी समझौता नहीं करेगा जब तक अमरीका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और अरबों डॉलर की फ्रीज की गई परिसंपत्तियों के नुकसान की भरपाई नहीं करता। इस बीच, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही गुप्त वार्ता में अमरीकी और पाकिस्तानी मध्यस्थों ने पुष्टि की है कि दोनों पक्ष, शांति समझौते के मसौदे पर सहमत हो गए हैं।
इस बीच, ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि वह ईरान के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को मंजूरी देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए तेहरान को परमाणु हथियार निर्माण से जुड़े बुनियादी ढांचे को खत्म करना होगा। यह स्पष्टीकरण तब आया जब ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कल प्रस्तावित अमरीका-ईरान परमाणु समझौते का विवरण प्रस्तुत किया।
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