आपात स्थिति प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त रूसी-भारतीय आयोग की दूसरी बैठक 28 अगस्त 2024 को रूस के मॉस्को में आयोजित की गई। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
दौरे के पहले दिन वर्ष 2025-2026 के लिए आपात स्थिति प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त रूसी-भारतीय आयोग की कार्य योजना पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और रूस के नागरिक सुरक्षा, आपात स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं के परिणामों के उन्मूलन मंत्री (रूस के EMERCOM) कुरेनकोव अलेक्सांद्र व्याचेस्लावोविच द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
दोनों देशों ने वर्ष 2025-2026 के दौरान इस योजना को लागू करने पर सहमति जताई और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए सर्वोत्तम कार्यों और सीखे गए सबक का आदान-प्रदान जारी रखने का भी फैसला किया। यह बैठक भारत और रूस के बीच पिछले समझौतों को लागू करने के लिए रणनीति तैयार करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पिछले समझौतों में दिसंबर 2010 में आपात स्थिति प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग के लिए हुए अंतर-सरकारी समझौता (IGA) और आपात स्थिति के परिणामों की रोकथाम और उन्मूलन में सहयोग के लिए भारत-रूस संयुक्त सहयोग आयोग (2013) की स्थापना के लिए विनियमन शामिल हैं। आपात स्थिति प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त रूसी-भारतीय आयोग की पहली बैठक वर्ष 2016 में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
इस बैठक के दौरान सहयोग के समग्र ढांचे के अंतर्गत तीन विशिष्ट मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया:
बैठक के परिणामों के आधार पर भारत और रूस के प्रतिनिधिमंडलों ने निम्नलिखित इरादे व्यक्त किए:
यह कार्य योजना हमारे द्विपक्षीय प्रयासों को और गति प्रदान करेगी तथा आपातकालीन तैयारियों, रोकथाम, प्रतिक्रिया और नियोजन में दोनों देशों की पूर्व चेतावनी प्रणालियों और क्षमता निर्माण को बढ़ाने में पारस्परिक सहायता और उन्नयन का मार्ग प्रशस्त करेगी। गृह राज्य मंत्री ने एशिया क्षेत्र में आपदा जोखिमों में पर्याप्त कमी लाने के लिए सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) पर 10 सूत्री एजेंडे के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार भारत को आपदा-रोधी (Disaster Resilient) बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार, NDMA के सदस्य एवं विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव संजीव कुमार जिंदल, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के निदेशक और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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