हिमाचल प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है। हाल की मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के कारण जान और माल को काफी नुकसान हुआ है। अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 51 लोगों की मौत हो गई, जबकि सौ से अधिक लोग घायल हैं और 21 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य की कई सड़कों पर यातायात बाधित है और राज्य के कई जिलों में पेयजल और बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों के दौरान मॉनसून की भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से राज्य में भारी तबाही हुई है। भारी वर्षा व बादल फटने से सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिला में पांच लोगों की मृत्यु हुई है और 15 अन्य लापता है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। जिले में 24 घर और बारह गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रदेशभर में भारी वर्षा व भूस्खलन से चार सौ छह सड़कें यातायात के लिए अवरूद्ध हैं। इसके अलावा एक हज़ार पांच सौ 15 बिजली ट्रांसफार्मर और एक सौ 71 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज भी राज्य के अधिकतर भागों में भारी वर्षा की संभावना जताई है।
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