विश्व आर्थिक मंच की 55वीं वार्षिक बैठक आज स्विटजरलैंड के दावोस में शुरू हुई। पांच दिन की बैठक में विकास में तेजी, नई तकनीकों के उपयोग और सामाजिक तथा आर्थिक स्तर पर मजबूती लाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। वैश्विक बैठक में 130 से अधिक देशों के साढ़े तीन सौ सरकारी प्रतिनिधियों सहित करीब तीन हजार प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक मे भारत का प्रतिनिधित्व सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी कर रहे हैं।
कुछ राज्यों के मंत्रियों के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। पांच दिन के कार्यक्रम के दौरान भारत के समावेशी विकास और डिजिटल क्रांति के मॉडल पर प्रकाश डाला जाएगा। आर्थिक मंच के अध्यक्ष और सीईओ बोरगे ब्रेंडे ने दावोस में एक भारतीय टेलीविजन चैनल से बात करते हुए, आर्थिक सुधारों के कारण निवेश के आधार पर भारत के लिए 7 से 8 प्रतिशत जीडीपी का अनुमान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि भारत में अपार संभावनाएं हैं, और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं है कि भारत फिर से 7 या 8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल न कर सके लेकिन इसके लिए निवेश, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और अनुसंधान एवं विकास में सुधार जारी रहने चाहिए।
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