वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 57वीं बैठक कल नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जीएसटी विवादों के समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत सुधारों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करना है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार जीएसटी व्यवस्था में अगले चरण के सुधारों के लिए पांच सूत्रीय योजना का प्रस्ताव रखेगी। इन सुधारों का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था में मौजूदा कई प्रशासनिक अड़चनों को स्वचालित प्रक्रिया के जरिए दूर करना और अनुपालन का बोझ कम करना है। इससे खास तौर पर छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी।
पांच सूत्रीय प्रस्ताव में प्रक्रिया सुधार, संरचनात्मक सुधार, जीवन और कारोबार में सुगमता, सेवा निर्यात और ई-कॉमर्स शामिल हैं। प्रस्तावित प्रमुख बदलावों में खरीदार और विक्रेता के बीच चालानों का स्वतः मिलान, इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने से जुड़ी कागजी कार्रवाई कम करना, छोटे करदाताओं द्वारा रिटर्न दाखिल करने की संख्या घटाना और छोटे कारोबारियों के लिए अलग-अलग राज्यों में पंजीकरण की व्यवस्था समाप्त करना शामिल है।
जीएसटी परिषद की पिछली 56वीं बैठक पिछले वर्ष सितंबर में हुई थी।
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