भारत-म्यांमार संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की 8वीं बैठक नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में भारत द्वारा आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ महाजन और म्यांमार के व्यापार विभाग के महानिदेशक माइंट थूरा ने की। बैठक में हितधारक मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
बैठक में आपसी विकास को प्रोत्साहन देने के लिए सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने पोत परिवहन, कपड़ा, स्वास्थ्य, भारतीय फार्माकोपिया, बिजली, परिवहन और कनेक्टिविटी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), 5-जी टेलीकॉम स्टैक और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर जैसे विशेष क्षेत्रों के बारे में सहयोग के प्रमुख रास्ते के रूप में बातचीत की। चर्चा में इस बात पर भी बातचीत हुई कि कैसे इस सहयोग से दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हो सकते हैं, जिससे दोनों देशों को आपसी समर्थन और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन देते हुए अपने लक्ष्यों को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
भारत ने रुपया-क्यात व्यापार निपटान व्यवस्था के निर्माण का भी स्वागत किया और इसके कार्यान्वयन के बाद स्थानीय मुद्राओं में म्यांमार के साथ द्विपक्षीय वाणिज्य में वृद्धि की संभावना व्यक्त की।
बैठक में आसियान-भारत माल व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा को शीघ्रता से पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई ताकि इसे व्यवसायों के लिए सरल, पारस्परिक रूप से लाभकारी, उपयोगकर्ता के अनुकूल और व्यापार-सुविधाजनक बनाया जा सके।
आसियान में म्यांमार भारत का 7वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। दोनो देशों के बीच वर्ष 2023-24 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.75 अरब अमेरिकी डॉलर का हुआ था।
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