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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने आज कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे को तनकपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे को चंपावत जिले के तनकपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में एक डॉक्टर सहित 49 तीर्थयात्री हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह तीर्थयात्रा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री धामी ने तीर्थयात्रियों से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीद करके स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार तथा सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

तीर्थयात्रियों ने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। अनिल कुमार जैन समेत कई तीर्थयात्रियों ने, जो सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा कर रहे हैं, यात्रा के लिए बेहतर सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

पहले जत्थे में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तीर्थयात्री शामिल हैं। तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में जत्थे के साथ हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल समूह के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से कैलाश मानसरोवर यात्रा लगातार दूसरे वर्ष तनकपुर मार्ग से संचालित हो रही है। इससे चंपावत के सीमावर्ती जिले में धार्मिक पर्यटन, व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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