सेना प्रमुख (सी. ओ. ए. एस.) जनरल मनोज पांडे ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से भारतीय सेना के डी5 मोटरसाइकिल अभियान दल को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान भारतीय सेना द्वारा 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सेना के उप प्रमुख, वरिष्ठ सेवारत अधिकारी, कारगिल युद्ध से जुड़े पूर्व अधिकारी, वीर नारियां और पूर्व सैनिक शामिल हुए। झंडी दिखाने से पहले, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने अभियान दल के सदस्यों के साथ परस्पर बातचीत की और टीम लीडर को मोटरसाइकिल अभियान का झंडा सौंपा। आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) की अध्यक्ष अर्चना पांडे ने कार्यक्रम के दौरान वीर नारियों को सम्मानित किया।
यह अखिल भारतीय अभियान 12 जून, 2024 को देश के तीन कोनों-पूर्व में दिनजन, पश्चिम में द्वारका और दक्षिण में धनुषकोडी से आरंभ हुआ था। आठ मोटरसाइकिल सवार तीन टीमों ने दिल्ली पहुंचने से पहले विविध क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण मार्गों से गुजरते हुए यात्रा की। पूर्व सी. ओ. ए. एस. जनरल दीपक कपूर (सेवानिवृत्त) ने 26 जून, 2024 को दिल्ली कैंट में टीमों को झंडी दिखाई थी। जनरल दीपक कपूर ने कारगिल युद्ध के दिग्गजों की उनकी बहादुरी के लिए सराहना की, अभियान टीमों की प्रशंसा की और प्रायोजकों द्वारा दिए गए समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में सेवारत अधिकारियों, कारगिल युद्ध के दिग्गजों, वीर नारियों और परिवारों सहित लगभग 500 व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दिल्ली के बाद अब टीमें द्रास के लिए दो अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ रही हैं। एक टीम अंबाला, अमृतसर, जम्मू, उधमपुर और श्रीनगर से होकर 1,085 किलोमीटर की दूरी तय करेगी है जबकि दूसरी टीम चंडीमंदिर, मनाली, सरचू, न्योमा, तांगत्से और लेह से होकर 1,509 किलोमीटर की दूरी तय करेगी है। इस अभियान का समापन द्रास के गन हिल पर होगा, जो कारगिल युद्ध के दौरान अपने सामरिक महत्व के लिए इतिहास में दर्ज है। अभियान दल के सदस्य अपने रूट के दौरान रास्ते में रहने वाले कारगिल युद्ध के नायकों, दिग्गजों और वीर नारियों से संपर्क करेंगे, युद्ध स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जागरूकता बढ़ाएंगे और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
अभियान का नेतृत्व तोपखाना रेजिमेंट कर रही है जिसने ऑपरेशन विजय में सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान दल के सदस्य जब द्रास में अपने गंतव्य की ओर पहुंच रहे होंगे, उनके साथ साहस, त्याग और देशभक्ति की कहानियां भी जुड़ चुकी होंगी।
यह अभियान दल कारगिल युद्ध नायकों की बहादुरी और बलिदान के प्रति एक श्रद्धांजलि है और भारतीय सेना की स्थायी भावना का प्रतीक भी है। इस कार्यक्रम को हीरो मोटोकॉर्प, एचपीसीएल, अपोलो हॉस्पिटल्स, इफको और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा कारगिल युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि देने के रूप में प्रायोजित किया जा रहा है।
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